
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से 3 मार्च से 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं करवाई जाएंगी। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को किस तरह से प्रश्नपत्र हल करना चाहिए और उन्हें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, इसके अलावा विद्यार्थी परीक्षा के तनाव को कैसे कम कर सकते हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रक्कड़ में तैनात अंग्रेजी के प्रवक्ता देवेंद्र सिंह राणा ने परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे सामान्य व शांत होकर परीक्षा की तैयारी करें। उन्होंने बताया कि अपने ऊपर किसी भी तरह का दबाव न आने दें। इसके लिए अपने पाठ्यक्रम को अच्छे से समझने के बाद सभी विषयों की तैयारी एक तय सीमा व अनुशासन के साथ सुचारु रूप से करें।
उन्होंने कहा कि 12वीं की बोर्ड परीक्षा भविष्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की नींव होती है, इसलिए उन्हें कठिन परिश्रम के साथ-साथ तर्कसंगत रहने की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी विषय की परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र की संरचना व स्वरूप को जरूर समझें, ताकि उसी हिसाब से अपनी तैयार करें व परीक्षा में प्रत्येक खंड को प्राथमिकता के साथ हल करें। इसके अतिरिक्त अंग्रेजी भाषा में लेखनी की सुंदरता विद्यार्थियों को अधिक अंक दिलाने में बहुत सहायक होती है।
विद्यार्थियों को पहले उस खंड को करना चाहिए, जो उनको सबसे अच्छी तरह आता है। खंड डी पाठ्यपुस्तकों के प्रश्नों पर आधारित है, जिसे आपने समझा व याद किया हुआ है। इसके उत्तर पहले देना ज्यादा लाभदायक होता है। प्रश्नों का उत्तर देते समय उतना ही लिखें, जितना की पूछा गया हो। इसके अलावा प्रश्नों के उत्तर देते समय वाक्य व व्याकरण की संरचना उचित तरीके से करें, ताकि उत्तर अर्थपूर्ण तरीके से समझा जा सके।
लिखित खंड व कांपरीहेंशन व नोट मेकिंग खंड को तकनीकी रूप से तथा व्याकरण का ध्यान रखते हुए पूर्ण करने का प्रयास करें। इन खंडों में विषय वस्तु को विशेष रूप से समझकर ही अपने उत्तर दें, क्योंकि इसमें तार्किक शक्ति, विषय वस्तु का ज्ञान व तकनीकी रूप से की गई संरचना बहुत महत्वपूर्ण होती है। प्रश्नों के उत्तर देते समय निर्धारित समय सीमा खंडों के प्रश्नों के हिसाब से तय करें।
