भरमौर (चंबा)। भरमौर विधानसभा क्षेत्र में बारिश होने पर बन्नी नाला भयंकर रूप धारण कर लेता है। ऐसे में अभिभावकों को स्कूली बच्चों को पीठ पर उठाकर नाला पार करना मजबूरी बना हुआ है। बुधवार को भी नाले में अचानक आए पानी के तेज बहाव के चलते स्थानीय ग्रामीणों ने बच्चों को पीठ पर उठा नाला पार करवाया। वहीं दूसरी ओर बन्नी, भदरा गांव से दवाई लाने या अन्य सामान लेने के लिए ढकोग की ओर आने वाले लोगाें, महिलाओं को एक-दूसरे का हाथ पकड़ उफनता नाला पार करना पड़ता है। नाला पार करते जरा सी चूक बड़े हादसे की वजह बन सकती है।

ग्रामीणों राज कुमार, मनोहर लाल, रविंद्र कुमार, देसराज, किशन चंद, राज कुमार का कहना है कि पहले भी नाले में अचानक पानी का जलस्तर बढ़ने से कई हादसे होने से बाल बाल बचे हैं। कुछ समय पहले स्कूल की बच्ची इस नाले में पानी के बहाव में बह गई थी जिसे कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों ने बचाया था। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार प्रदेश सरकार और प्रशासन से नाले पर पुल बनाने की मांग उठाई गई। बावजूद इसके अभी तक उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है। बन्नी व गांव भदरा से दो-दर्जन से अधिक बच्चे मांधा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में पढ़ने के लिए आवाजाही करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में प्रसिद्ध माता बन्नी का निवास स्थान है। जहां पर प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु माता के दर पर शीश नवाने पहुंचते हैं लेकिन कई बार नाले का बढ़ा जलस्तर श्रद्धालुओं की मुसीबतें बढ़ा देता है।

उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। संबंधित विभागीय अधिकारी को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेकर उचित प्रयास करने संबंधी निर्देश जारी किए जाएंगे।