शारदीय नवरात्र के चलते मंगलवार को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। अष्टमी के उपलक्ष्य पर सुबह 9:00 बजे से पूजा-अर्चना शुरू हुई। इस दौरान माता को पावन चौकी का स्नान, श्रृंगार, भोग, हवन, तथा नारियल की बलि दी गई। माता को 56 तरह के व्यंजन का भोग भी लगाया गया। पुजारी अमित कालिया ने कहा कि आज माता रानी का श्रंगार किया। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेका। वहीं मंदिर आने वाले भक्तों से मां के जयकारों से मंदिर व आसपास का वातावरण गुंजायमान हो उठा। इस पूजा में राम कुमार शर्मा, पुजारी बारीदार सभा के प्रधान रविंदर छिंदा, पुजारी अजय कालिया, रोहन कालिया, हितेश कालिया, संदीप कालिया, अनमोल कालिया, गगन कालिया और समस्त पुजारी परिवार उपस्थित रहा। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने इस मौके पर बताया कि शारदीय नवरात्र के दौरान अन्य राज्यों से श्रद्धालु भी माता रानी के दरबार पहुंचे। 


विश्व विख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी में शारदीय नवरात्रि में मंगलवार को अष्टमी पूजन की धूम रही। ज्वालामुखी में हजारों की संख्या में श्रद्धालु अष्टमी पूजन के लिए पहुंचे। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लाइनें लंगर भवन तक पहुंच गईं। ज्वाला माता को विशेष हलवा, पूरी व चने का भोग भी लगाया गया। पंजाब व अन्य प्रदेशों से काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और अष्टमी पूजन किया। हवन-यज्ञ व कन्या पूजन के बाद अपने नवरात्रि का समापन किया। पुजारी व पूर्व न्यास सदस्य सौरभ शर्मा ने बताया कि आज शारदीय नवरात्रि की अष्टमी है। आज महागौरी के रूप में दुर्गा माता की पूजा की जा रही है। उन्होंने कहा कि अष्टमी पूजन का विशेष महत्व होता हैं। अष्टमी के दिन श्रद्धालु ज्वाला मां को भोग लगाते हैं और यज्ञ करके कन्या पूजन करते हैं।