हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक स्कूल संचालिका की निर्मम हत्या ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। मंडी में पत्रकारों से बात करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार और पुलिस विभाग ने गंभीरता दिखाई होती तो इस दुखद हत्या को रोका जा सकता था।


जयराम ठाकुर ने इस बात पर जोर दिया कि मृतक महिला ने कुछ समय पहले ही अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस और सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते महिला को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की होती, तो आज वह इस तरह गोलियों का शिकार नहीं होती। महिला द्वारा जताई गई आशंका सच साबित हुई, जो प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता और कानून व्यवस्था के प्रति उसकी उपेक्षा को दर्शाता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अपने नागरिकों की जान की परवाह नहीं कर रही है और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू केवल सत्ता के नशे में मग्न हैं। उन्होंने कहा कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि अपराधियों में पुलिस का भय बना रहे। जयराम ठाकुर के अनुसार, प्रदेश में इस तरह की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं, लेकिन सरकार कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय निष्क्रिय बैठी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक संवेदनहीन सरकार काम कर रही है, और यह चर्चा अब आम लोगों के बीच भी फैल चुकी है।

जयराम ठाकुर ने प्रदेश में लगातार हो रही वारदातों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल सत्ता और कुर्सी की चिंता है, न कि लोगों की सुरक्षा की। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।