हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना में गड़बड़झाले की जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो ने आठ सदस्यीय एसआईटी गठित कर दी है। आईजी बिमल गुप्ता की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी में एएसपी नरवीर सिंह समेत विभिन्न अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। यह एसआईटी योजना के तहत हुए भुगतान, अस्पतालों की भूमिका और बिलिंग प्रक्रिया की गहन जांच करेगी।


विजिलेंस ने सचिवालय में स्वास्थ्य शाखा से योजना के तहत हुए मरीजों के ऑपरेशन के मेडिकल बिलों का रिकॉर्ड पहले ही कब्जे में ले लिया है। यह कथित घपला 110 करोड़ रुपये से अधिक का होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आरोप है कि कई मामलों में फर्जी या भारी भरकम मेडिकल बिल लगा सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच में किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी। 

विजिलेंस जांच के दायरे में हिमाचल ही नहीं बल्कि बाहरी राज्यों के करीब 35 के निजी अस्पताल हैं। मार्च में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना में गड़बड़झाले का मामला उठाया था और विजिलेंस जांच कराने का एलान किया था। विजिलेंस की ओर से अब गहन जांच शुरू कर दी गई है। भविष्य में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए अब सरकार ने मेडिकल बिलों की जांच के लिए सचिवालय में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।

चार पुरुषों की बच्चेदानी के ऑपरेशन भी दिखाए
आरोप है कि एक अस्पताल में 25 हजार में होने वाले हर्निया के ऑपरेशन का बिल एक लाख बना दिया। कुछ अस्पतालों ने ऑपरेशन के दौरान जरूरत से अधिक उपकरण और दवाइयां दर्शाकर बिल बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए। वहीं, हिमकेयर योजना में चार पुरुषों की बच्चेदानी के ऑपरेशन भी दिखाए गए हैं।