ऊना के हरोली में बन रहा है बल्क ड्रग पार्क

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली में बल्क ड्रग पार्क का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना दवा निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने और देश में दवाओं के लिए जरूरी कच्चे माल के घरेलू उत्पादन को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में इस परियोजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर की थी। पूरी परियोजना की लागत लगभग 1,923 करोड़ रुपये बताई गई है।

मार्च 2027 की समयसीमा पर मंडराया खतरा

परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन निर्माण कार्यों में देरी के कारण इसके वर्ष 2028 तक खिंचने की आशंका जताई जा रही है।

भूमि समतलीकरण, बिजली के सब-स्टेशन, पानी की पाइपलाइन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों की धीमी गति को देरी के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी भी परियोजना की रफ्तार प्रभावित कर रही है।

हर 15 दिन में होगी समीक्षा

प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों और क्रियान्वयन एजेंसियों को परियोजना से जुड़ी बाधाएं दूर करने के निर्देश दिए हैं। भूमि हस्तांतरण, उपयोगिता सेवाओं को स्थानांतरित करने और निर्माण कार्यों के संशोधित लक्ष्य तय करने के लिए 30 दिन की समयसीमा निर्धारित की गई है।

इसके साथ ही गति शक्ति पोर्टल के माध्यम से हर 15 दिन में परियोजना की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया गया है।

हिमाचल के युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद

बल्क ड्रग पार्क के पूरी तरह विकसित होने से हिमाचल प्रदेश में दवा उद्योग को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इससे प्रत्यक्ष रूप से लगभग 15,000 से 20,000 लोगों को रोजगार मिल सकता है। इसके अलावा दवा निर्माण से जुड़े अन्य उद्योगों में भी निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 30 दिन में भूमि हस्तांतरण और अन्य लंबित प्रक्रियाएं पूरी हो पाएंगी और क्या प्रदेश सरकार मार्च 2027 तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य हासिल कर सकेगी। आने वाले दिनों में होने वाली समीक्षा बैठकों से परियोजना की वास्तविक प्रगति की तस्वीर और स्पष्ट होगी।