Oplus_131072



शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर बड़ा बदलाव होने की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने 145 पीएम श्री, उत्कृष्ट और मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के साथ प्राथमिक विद्यालयों की मैपिंग कर शिक्षकों की वास्तविक जरूरत का आकलन शुरू कर दिया है।


इस प्रक्रिया के आधार पर आने वाले समय में शिक्षण पदों के सृजन, पुनर्संयोजन और शिक्षकों की तैनाती को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा सकता है। विभाग का मानना है कि सीबीएसई पैटर्न पर चल रहे सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और शैक्षणिक जरूरत के अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पदों का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्मूल्यांकन जरूरी है।


उपनिदेशकों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश
इस संबंध में शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उपनिदेशकों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। जारी सूची में 145 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के साथ संबंधित राजकीय प्राथमिक केंद्रीय विद्यालय और राजकीय प्राथमिक विद्यालयों को भी जोड़ा गया है।


खास बात यह है कि पहली बार सीबीएसई उप-संवर्ग के स्कूलों को प्राथमिक स्तर से जोड़कर पूरे शैक्षणिक ढांचे का एक साथ आकलन किया जाएगा। इससे विभाग को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसी क्षेत्र में प्राथमिक से वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक शिक्षकों की वास्तविक जरूरत कितनी है और कहां स्टाफ की कमी या अधिकता है।


विषयवार जरूरत का भी होगा आकलन
युक्तिकरण प्रक्रिया में प्रत्येक स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या, उपलब्ध शिक्षक, स्वीकृत पद और विषयवार शिक्षकों की जरूरत का विस्तृत आकलन किया जाएगा।


इसके आधार पर ऐसे स्कूलों की पहचान की जाएगी जहां शिक्षकों की कमी है या जहां जरूरत से अधिक पद उपलब्ध हैं। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य में नए पद सृजित करने, मौजूदा पदों का पुनर्संयोजन करने या शिक्षकों के समायोजन को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।


विभाग को उम्मीद है कि इससे अलग-अलग स्कूलों में लंबे समय से बनी स्टाफ असमानता को दूर करने में मदद मिलेगी।
पीएम श्री और मॉडल स्कूलों पर विशेष फोकस
इस पूरी प्रक्रिया में पीएम श्री, उत्कृष्ट और मॉडल स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन स्कूलों को भविष्य में सीबीएसई प्रणाली के तहत आदर्श संस्थानों के रूप में विकसित करने की योजना है।
ऐसे में शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इन स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता हो और शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई व अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।


रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश
निदेशालय ने सभी बीईईओ, स्कूल प्रमुखों और संबंधित शाखाओं को शिक्षकों की तैनाती, स्वीकृत पदों और स्थापना से जुड़े रिकॉर्ड को अद्यतन रखने के निर्देश दिए हैं।


अधिकारियों से अपने अधीन आने वाले स्कूलों की पूरी जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि शिक्षकों के युक्तिकरण और भविष्य की तैनाती की प्रक्रिया में किसी तरह की त्रुटि न रहे।