
हिमाचल प्रदेश में रैपिडो जैसी बाइक टैक्सी सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। राज्य सरकार इसके लिए नई नीति तैयार कर रही है। नीति लागू होने के बाद प्रदेश में निजी मोटरसाइकिलों को एग्रीगेटर के माध्यम से यात्रियों की सेवा में लगाने का रास्ता साफ हो सकता है।
केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2025 में जारी मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन में गैर-परिवहन यानी निजी मोटरसाइकिलों को एग्रीगेटर के माध्यम से यात्री सेवा में लगाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, इसे लागू करने का अधिकार संबंधित राज्य सरकार के पास है।
अभी हिमाचल में बाइक टैक्सी को अनुमति नहीं
हिमाचल प्रदेश में फिलहाल बाइक टैक्सी सेवा को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में निजी उपयोग के लिए पंजीकृत बाइक को रैपिडो या किसी अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये किराये पर यात्रियों को ले जाने की अनुमति नहीं है।
मंडी में इसी व्यवस्था के आधार पर परिवहन विभाग ने कार्रवाई भी शुरू की है। विभाग के अनुसार निजी उपयोग के लिए पंजीकृत मोटरसाइकिल से किराये पर यात्रियों को ले जाने से पहले नियमानुसार अनुमति और जरूरी शर्तें पूरी करना आवश्यक है।
नई नीति में क्या-क्या नियम हो सकते हैं?
केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार निजी मोटरसाइकिलों को एग्रीगेटर सेवा में शामिल करने के लिए कई सुरक्षा शर्तों का पालन करना होगा। इनमें चालक का सत्यापन और प्रशिक्षण, वाहन का बीमा, जरूरी दस्तावेज, सुरक्षा व्यवस्था, एप आधारित ट्रैकिंग और शिकायत निवारण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
हिमाचल सरकार की प्रस्तावित नीति में यह तय किया जा सकता है कि प्रदेश में बाइक टैक्सी सेवा किन शर्तों के तहत संचालित होगी। इसमें निजी बाइक के व्यावसायिक इस्तेमाल, चालक और यात्री की सुरक्षा, बीमा, किराया और एग्रीगेटर के लाइसेंस सहित अन्य नियम निर्धारित किए जा सकते हैं।
नीति लागू होने के बाद ही संचालन का रास्ता साफ होगा
नई नीति अधिसूचित होने के बाद ही रैपिडो जैसी बाइक टैक्सी सेवाओं के प्रदेश में वैधानिक रूप से संचालन का रास्ता साफ होगा।
राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव चेत सिंह के अनुसार विभाग गाइडलाइन तैयार कर रहा है। जब तक इसका ड्राफ्ट अधिसूचित नहीं हो जाता, तब तक हिमाचल प्रदेश में निजी बाइक से किराये पर सवारी ले जाने की अनुमति नहीं है।
