
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को विदेशों में सुरक्षित रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब रोजगार को लेकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाया है कि हिमाचल के युवाओं को सुरक्षित, कानूनी और भरोसेमंद माध्यमों से विदेशों में रोजगार मिले।
वे आज पलकवाह में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम श्रम, रोजगार एवं विदेश स्थितिकरण विभाग तथा हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। यह ‘ओवरसीज रिक्रूटमेंट ड्राइव’ श्रृंखला का दूसरा कार्यक्रम था, पहला कैंप 9 अक्तूबर को हमीरपुर में आयोजित हुआ था।
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब युवाओं को विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा जाता था। माता-पिता अपनी पूरी जमा पूंजी खर्च कर देते थे, लेकिन कई मामलों में युवाओं को अवैध दलालों द्वारा धोखा दिया गया। अब राज्य सरकार ने युवाओं को सस्ते, कानूनी और सुरक्षित माध्यमों से विदेश भेजने का निर्णय लिया है। यह कदम सरकार की “हर युवा को कौशल, हर कौशल को अवसर” की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह पहल उसी दिशा में एक ठोस कदम है। इस अभियान के तहत युवाओं का चयन विदेशी देशों में उपलब्ध विभिन्न ट्रेडों की मांग के अनुसार किया जाएगा, ताकि कौशल और अवसर के बीच सही तालमेल स्थापित हो सके।
पलकवाह में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यभर से 457 युवाओं ने ट्रेलर ड्राइवर के 100 पदों के लिए भाग लिया। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति दुबई के जेबल अली पोर्ट पर की जाएगी। उन्हें प्रतिमाह 2,250 दिरहम (लगभग ₹52,000) वेतन, आवास, ओवरटाइम और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
उन्होंने चार चयनित अभ्यर्थियों को प्रतीकात्मक रूप से प्रोविजनल ऑफर लेटर भी सौंपे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह विदेश में रोजगार प्राप्त करने का सबसे सुरक्षित, कानूनी और पारदर्शी तरीका है। विदेशों में कुशल श्रमिकों की भारी मांग है और हिमाचल के युवाओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। यह पहल रोजगार विनिमयों के कामकाज में नवाचार लाएगी और युवाओं को हर संभव सहायता दी जाएगी।
राज्य श्रम आयुक्त डॉ. वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि यह पहली बार है जब राज्य सरकार ने युवाओं को विदेश भेजने के लिए औपचारिक नीति बनाई है। उन्हें विदेश मंत्रालय द्वारा निर्धारित शुल्क मानकों के अनुसार भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले कैंप (हमीरपुर) में 29 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था और उनका वीजा प्रोसेस पूरा हो चुका है। उन्हें जल्द ही विदेश भेजा जाएगा।
एचपीएसईडीसी एक ऐसा सॉफ्टवेयर भी विकसित कर रहा है जिसके माध्यम से युवा अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे साझा कर सकेंगे।
श्रम आयुक्त ने बताया कि यह अभियान राज्य के विभिन्न भागों में जारी रहेगा। विभाग की पोर्टल पर विदेशों में मांग वाले 30 प्रमुख ट्रेडों की जानकारी उपलब्ध है। इच्छुक युवा वहां पंजीकरण कर सकते हैं और कैंप की सूचना उन्हें फोन पर भी दी जाएगी।
इस अवसर पर जिला श्रम एवं रोजगार अधिकारी अक्षय शर्मा ने सभी का स्वागत किया। एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, अन्य अधिकारी, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और स्थानीय युवा कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
