
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कांगड़ा में जिला कल्याण अधिकारी के पद पर डेढ़ साल बाद स्थायी नियुक्ति हो गई है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी आदेशों के बाद साहिल मंडला ने जिला कल्याण अधिकारी का पदभार संभाला लिया है।
इस पद पर स्थायी नियुक्ति होने से प्रदेश और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लोगों को समय पर लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। साथ ही जिला कांगड़ा के लोगों का कार्य सुचारू रूप से चल पाएगा।इससे पहले दिसंबर 2023 से जिला कल्याण अधिकारी का पद प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा था। इस दौरान छह अधिकारी जिला कल्याण विभाग अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल चुके हैं। जिससे लोगों को अपना कार्य करवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
उधर, जिला कल्याण अधिकारी साहिल मंडला ने बताया कि उन्होंने 2024 में एचएएस अलाइड की परीक्षा पास की है। पहली पोस्टिंग धर्मशाला में हुई है। वे चंबा के भलेई के रहने वाले हैं। उन्होंने 2021 में धर्मशाला से बीएससी और 2023 में पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से फिजिक्स में एमएससी की है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़े जिले का कार्यभार संभालने के बाद अब लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्राथमिकता है।
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कांगड़ा में अभी भी खाली चल रहे 20 पद
कांगड़ा में तहसील कल्याण अधिकारियों सहित अन्य 20 पद खाली चल रहे हैं। इसमें आठ पद तहसील कल्याण अधिकारी, आठ पद क्लर्क और चार पद चपरासी के खाली चल रहे हैं। तहसील कल्याण अधिकारियों में धर्मशाला, शाहपुर, बड़ोह, देहरा, डाडासीबा, इंदौरा, खुंडियां और ज्वालामुखी में खाली हैं। क्लर्क के आठ पदों में से तीन जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय में, अन्य चार खुंडियां, शाहपुर, पालमपुर, जसवां और जवाली के तहसील कार्यालय में खाली हैं। इसके अलावा रक्कड़, बड़ोह, ज्वालामुखी और डाडासीबा में चपरासी के पद खाली हैं। कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी न होने के कारण लोगों के कार्य समय से पूरे होने मे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
