
डमटाल (कांगड़ा)। पौंग बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद ब्यास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। निचले क्षेत्रों मंड घंडरां, मंड सनौर, मंड इंदौरा और मंड मियाणी में लगभग 70 घरों तक पानी पहुंच गया। पानी भरने के बाद सात लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। अचानक पानी पहुंचने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल है।
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने भी इंदौरा क्षेत्र के प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया और विभागों से राहत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली। इंदौरा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत घंडरां के वार्ड-7 में 15–16 घर, मंड सनौर के वार्ड-4 और 5 में 20–25 घर, मंड इंदौरा के वार्ड-11 में 20–25 घर और मंड मियानी पंचायत के वार्ड-1 में 7–8 घर पानी की चपेट में आ गए हैं। सूचना मिलते ही विकास खंड अधिकारी इंदौरा सुदर्शन राणा के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने राहत अभियान शुरू किया।
स्थानीय निवासी रमेश कुमार, अमित कुमार, रजनी, नमित, कनिक, शिवानी और 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रभावित परिवारों ने बताया कि पानी का बहाव रातभर बढ़ता रहा, जिससे डर के कारण कई लोग पूरी रात हालात पर नजर रखते रहे और सो नहीं पाए।
उधर, एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे और निचले इलाकों में न जाएं तथा प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन ने सभी को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
वन विश्राम गृह इंदौरा में सोमवार को विधायक मलेंद्र राजन की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की बैठक हुई। इसमें पौंग बांध से छोड़े गए पानी के चलते बाढ़, जलभराव और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। विधायक ने निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य समय पर पूरे हों, नालों व जल निकासी मार्गों की सफाई तत्काल की जाए, सड़कों की मरम्मत में तेजी लाई जाए और किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू हों।
