
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में नमाज पढ़ने को लेकर मस्जिद के बाहर लोगों का जमावड़ा लग गया। यहां मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे थे, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। यहां पर मौजूद लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को मस्जिद में जाने से रोका। विवाद बढ़ता देख मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। फिलहाल मामले को शांत करवा दिया गया है।
31 अगस्त 2024 को शिमला के मैहली में दो गुटों में मारपीट के बाद से मस्जिद विवाद गरमाया था। 5 सितंबर 2024 को शिमला में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। 11 सितंबर को संजौली-ढली में उग्र प्रदर्शन किया गया। इस बीच 12 सितंबर को संजौली मस्जिद कमेटी खुद निगम आयुक्त कोर्ट पहुंची और खुद ही मस्जिद का अवैध हिस्सा तोड़ने की पेशकश की। हालांकि, 3 मई को एमसी आयुक्त कोर्ट ने इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय ले लिया था। अब जिला अदालत ने भी इस फैसले पर मुहर लगाई है।
- संजौली मस्जिद मामले में 50 से ज्यादा बार सुनवाई हुई।
- 31 अगस्त 2024 को मैहली में दो गुटों में मारपीट के बाद मस्जिद विवाद गरमाया।
- 1 और 5 सितंबर 2024 को शिमला में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन शुरू किया।
- 11 सितंबर को संजौली-ढली में उग्र प्रदर्शन हुआ।
- 12 सितंबर को संजौली मस्जिद कमेटी आयुक्त कोर्ट में पहुंची
- 5 अक्तूबर 2024 को आयुक्त कोर्ट ने तीन मंजिलों को हटाने की अनुमति दी
- 30 नवंबर 2024 को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने याचिका खारिज कर दी
- 3 मई 2025 को एमसी आयुक्त कोर्ट ने दो और मंजिलों को हटाने का आदेश दिया
- वक्फ बोर्ड ने 17 मई को 3 मई के आदेशों को जिला न्यायालय में चुनौती दी
- 19 मई को सुनवाई में अदालत ने मस्जिद कमेटी से रिकॉर्ड तलब किया
- 23 मई को एमसी को दोबारा नोटिस जारी कर रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा
- 26 मई की सुनवाई में कोर्ट ने मस्जिद तोड़ने पर अंतरिम रोक लगाई।
- 29 मई को अदालत ने स्टे को बरकरार रखा
- 11 जुलाई को केस को बहस योग्य माना गया
- 8 और 21 अगस्त को वक्फ बोर्ड ने बहस के लिए समय मांगा
- 6 सितंबर को करीब सवा दो घंटे तक बहस हुई
- 30 अक्तूबर के लिए मामला सूचीबद्ध किया और फैसला सुनाया
