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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चिड़गांव में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग का मोबाइल सिम अचानक बंद हुआ और इसके बाद उनके बैंक खाते से 33 अनधिकृत UPI ट्रांजेक्शन के जरिए 11,04,799.61 रुपये निकाल लिए गए।
पीड़ित के अनुसार, 5 सितंबर 2026 को अचानक उनका सिम कार्ड काम करना बंद हो गया। इसके बाद उनके मोबाइल पर न तो कॉल आने लगी और न ही कोई मैसेज प्राप्त हुआ। कुछ समय बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते से लाखों रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
33 ट्रांजेक्शन में निकली 11 लाख से ज्यादा रकम
पुलिस के अनुसार, 5 से 18 सितंबर 2026 के बीच अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों ने पीड़ित के बैंक खाते से 33 अनधिकृत UPI लेन-देन किए। इन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 11.04 लाख रुपये से अधिक की रकम निकालकर या दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने खुद इनमें से कोई लेन-देन नहीं किया था और न ही किसी अन्य व्यक्ति को अपने खाते से ट्रांजेक्शन करने की अनुमति दी थी।
सिम बंद होने से पुलिस को हुआ शक
मामले में पुलिस को सिम क्लोनिंग की आशंका है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि सिम के अचानक बंद होने और बैंक खाते से रकम निकलने के बीच क्या संबंध है और रकम किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर अनधिकृत UPI लेन-देन और सिम बंद होने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
सिम क्लोनिंग में क्या हो सकता है?
साइबर ठगी के कुछ मामलों में अपराधी किसी व्यक्ति के मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग कर उसके नंबर पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसी स्थिति में असली सिम अचानक नेटवर्क से बाहर हो सकता है।
यदि मोबाइल सिम अचानक बंद हो जाए और कॉल या SMS आना पूरी तरह बंद हो जाए, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सिम बंद हो तो तुरंत ये कदम उठाएं
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में तुरंत मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करें। साथ ही बैंक को जानकारी देकर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और जरूरत पड़ने पर डेबिट/क्रेडिट कार्ड को अस्थायी रूप से लॉक करवाएं।
अगर खाते से कोई अनधिकृत रकम निकल गई है तो बिना देरी साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराना भी जरूरी है। समय पर सूचना देने से रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की कोशिश की जा सकती है।
इस मामले ने एक बार फिर दिखाया है कि मोबाइल सिम का अचानक बंद होना केवल नेटवर्क की समस्या नहीं भी हो सकता। ऐसे में बैंक खाते और मोबाइल नंबर से जुड़ी गतिविधियों पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है।