मूसलाधार बारिश, चमकती बिजली और बादलों की गड़गड़ाहट के बीच बस अड्डा धर्मपुर और आसपास का क्षेत्र जलमग्न होने से लोगों में अफरातफरी मच गई। साथ बहती सोन खड्ड का रौद्र रूप देखकर हर कोई सलामती की दुआ कर रहा था। लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़े। लोगों ने एक-दूसरे को फोन कर बाढ़ आने की सूचना देकर सतर्क किया। आधी रात को धर्मपुर क्षेत्र सीटियों से गूंज उठा। लोगों ने बहुमंजिला घरों की छतों पर चढ़कर किसी तरह अपनी जान बचाई।

सोमवार रात करीब दो बजे धर्मपुर बस अड्डा और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह पानी से भर गया। मेडिकल स्टोर को देखने आ रहा लेखराज निवासी बेंपड अन्य लोगों की तरह सौभाग्यशाली नहीं निकला। वह रात करीब ढाई बजे से कार में सवार होकर आ रहा था कि बस अड्डा के पास से वाहन समेत बह गया। सुबह तीर्थस्थल गया के लिए सवारियों को ले जाने के लिए ट्रैवलर में सुबह का इंतजार कर रहा चालक का भी कोई सुराग नहीं चल पाया है। उसकी ट्रैवलर कुछ दूरी पर मिल गया है। डीएसपी के रीडर प्रदीप कुमार ने बताया कि रात को पानी की आवाज सुनकर वह नींद से जाग गया। बरडाणा (सुहड़े री बाहली) में अपने निवास स्थान से बाहर की तरफ देखा तो खड्ड ने विकराल रूप धारण कर रखा था। उनके आवास की पहली मंजिल पानी से भर गई। परिवार के सदस्यों को नींद से उठाकर मकान की ऊपरी मंजिल तक पहुंचाया। आसपास के लोगों को भी जगाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के लिए सतर्क किया।

धर्मपुर निवासी सतीश कुमार, कर्म चंद, रेवत राम, काहन सिंह, सुनील कुमार और जयपाल ने बताया कि रात को लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग निकले। लोगों के घरों में पानी के साथ मलबा घुसने से लाखों का नुकसान हो गया है।

रात करीब दो बजे जैसे ही सूचना मिली पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंच गया। बचाव व राहत कार्य शुरू कर दिया। बस अड्डे में बसें, निजी वाहन बाढ़ में बह गए हैं। बस अड्डा की दुकानों को भी काफी नुकसान हुआ है। – संजीव सूद, डीएसपी, धर्मपुर