
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के बीच सोमवार को राजधानी शिमला समेत कई जिलों में जोरदार बारिश हुई। रविवार रात को मंडी जिले के थुनाग उपमंडल के छतरी में बारिश से धंसी सड़क की वजह से एक कार 250 मीटर खाई में गिर गई। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई और दो घायल हैं। इनमें देवदत्त निवासी गांव गागन, मंगल चंद निवासी तराला और यशपाल निवासी गांव धावण शामिल हैं।
वहीं, चंबा के डलहौजी के कुम्हारका में रसोईघर की छत गिरने से महिला की मौत हो गई। वहीं पंजाब में मंगलवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सोमवार को पंजाब में कुछेक जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इससे तापमान में 0.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल यह सामान्य के पास बना है। लेकिन पटियाला का पारा सामान्य के नीचे दर्ज किया गया। सबसे अधिक 35.5 डिग्री का पारा अमृतसर का दर्ज किया गया। पंजाब के न्यूनतम तापमान में भी 0.2 डिग्री की कमी दर्ज की गई।
चंबा के भटियात में बारिश की वजह से हुए भूस्खलन से गोशाला में एक गाय और दस भेड़-बकरियों की दबने से मौत हो गई। कुल्लू जिले के निरमंड ब्लॉक की कुशवा पंचायत के नोनू गांव में रविवार रात को भूस्खलन से सेब के 3,540 फलदार पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। जगह-जगह मलबा गिरने से कुशवा सड़क बंद हो गई है। खराब मौसम को देखते हुए मनाली के तमाम शैक्षणिक संस्थानों में सोमवार को अवकाश रहा। बारिश की वजह से गगल हवाई अड्डा से एक उड़ान रद्द हुई।
मंडी जिले के जागर नाले में आए उफान के कारण रविवार रात 10 बजे चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया। नाले का पानी और विशाल बोल्डर हाईवे पर आ गए और कलवर्ट बंद हो गया। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर 9 मील क्षेत्र में सोमवार सुबह फिर पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर गिरने से यातायात बंद हो गया। इस दौरान एंबुलेंस समेत वाहन भी फंसे रहे। मलबे में फंसे एक वाहन को हाइड्रा के जरिये बाहर निकाला गया। किन्नौर, रामपुर, आनी और रोहडू में दिन भर मौसम खराब रहा।
ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा जिला के कई क्षेत्रों में मंगलवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। अन्य जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। छह अगस्त के लिए पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। सात और आठ अगस्त को अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की संभावना है लेकिन कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ है।
पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश से भाखड़ा और पौंग डैम का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। जलस्तर को बनाए रखने के लिए बीबीएमबी बिजली बनाने के लिए टर्बाइनों के जरिये हजारों क्यूसिक पानी बिजली बनाने के लिए छोड़ रहा है। अगर स्थिति ऐसी ही रहती है तो भाखड़ा के गेट भी खोले जा सकते हैं। वहीं पहाड़ों से आ रहे पानी की वजह से रावी और ब्यास का जलस्तर भी बढ़ रहा है। प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए इन दोनों दरिया के आस-पास के गांव में अलर्ट जारी कर दिया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए नोडल अधिकारी तैनात कर दिए गए है। बाढ़ जैसी स्थिति से बनती है तो गांव खाली करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा। इन सभी इंतजामों पर खुद डीसी साक्षी साहनी की ओर से लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीटिंग कर हर एक पल की रिपोर्ट ली जा रही है।
