
शिमला: हिमाचल प्रदेश और पंजाब में फैले बहुचर्चित ₹500 करोड़ से अधिक के क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। इस बार ईडी ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि इन गिरफ्तारियों के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
ईडी की शिमला उप-क्षेत्रीय इकाई ने मिलन गर्ग (मेरठ, उत्तर प्रदेश), सुखदेव ठाकुर (मंडी) और अभिषेक शर्मा (ऊना) को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। तीनों पहले से ही एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में थे। ईडी ने विशेष वारंट के जरिए उन्हें अपनी हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू कर दी। विशेष धन शोधन निवारण (PMLA) अदालत, शिमला ने तीनों को 12 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है।
इससे पहले इसी मामले में हेम राज और मासूस जुनेजा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, हिमाचल पुलिस अब तक इस पूरे मामले में 76 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
2018 से बिछाया गया था कथित जालईडी की जांच के अनुसार, वर्ष 2018 में मुख्य साजिशकर्ता सुभाष शर्मा, हेम राज और अन्य सहयोगियों ने मिलकर कॉर्वियो कॉइन (Corvio Coin) नाम की कथित डिजिटल करेंसी और कई निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को कम समय में भारी और निश्चित मुनाफे का लालच दिया। आरोप है कि नए निवेशकों से जुटाए गए पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था, जिससे यह नेटवर्क लगातार फैलता गया।
जांच एजेंसी के मुताबिक अब तक 2.48 लाख से अधिक लोग इस नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। जांच में 219 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के लेनदेन का पता चला है, जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
ठगी के पैसों से खरीदी गई संपत्तियांईडी का दावा है कि ठगी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने और विभिन्न परियोजनाओं में निवेश करने के लिए किया गया। जांच में जुनेजा स्क्वायर नामक व्यावसायिक संपत्ति में सुखदेव ठाकुर की 10 प्रतिशत और अभिषेक शर्मा की 5 प्रतिशत हिस्सेदारी सामने आई है। साथ ही दोनों के बैंक खातों और डिजिटल करेंसी ट्रांजैक्शन से जुड़े कई अहम वित्तीय सबूत भी जांच एजेंसी को मिले हैं।
अब भी फरार है मास्टरमाइंडइस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता सुभाष शर्मा अब भी फरार है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह दुबई में छिपा हुआ है। उसे भारत लाने के लिए ईडी रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने की तैयारी में जुटी है।
ईडी का मानना है कि हाल ही में हुई गिरफ्तारियों से पूछताछ के दौरान इस बहुचर्चित क्रिप्टो घोटाले में शामिल अन्य लोगों और पैसों के नेटवर्क से जुड़े कई बड़े राज सामने आ सकते हैं। आखिर इस घोटाले में अगला बड़ा नाम कौन होगा? इस पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
