
हिमाचल प्रदेश सरकार की 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ बजट घोषणा के दो माह बाद भी अति निर्धन परिवारों तक नहीं पहुंच पाया है। विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस सरकार ने अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए प्रदेश के एक लाख अति निर्धन परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का एलान किया था, लेकिन अप्रैल और मई बीतने के बावजूद पात्र परिवारों को इसका लाभ नहीं मिल सका है।
बिजली बोर्ड और ग्रामीण विकास विभाग अब तक पात्र परिवारों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया में ही जुटे हुए हैं। ऐसे में जिन परिवारों को सरकार की इस राहत योजना से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद थी, उन्हें अभी इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार ने बजट में घोषणा करते हुए कहा था कि प्रदेश के सबसे कमजोर आर्थिक वर्ग को बिजली बिलों के बोझ से राहत देने के लिए यह योजना लागू की जाएगी।
इसे कांग्रेस की प्रमुख चुनावी गारंटियों में शामिल किया गया था और बजट सत्र में इसे लागू करने की औपचारिक घोषणा भी की गई थी। इससे करीब एक लाख अति निर्धन परिवारों को सीधा लाभ मिलने का दावा किया गया था। हालांकि योजना की घोषणा के बाद इसके क्रियान्वयन को लेकर जमीनी स्तर पर अपेक्षित तेजी नहीं दिखी। विभागीय सूत्रों के अनुसार पात्र परिवारों की पहचान के लिए विभिन्न विभागों से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।
सामाजिक-आर्थिक मानकों के आधार पर सूची तैयार की जानी है, लेकिन प्रक्रिया अपेक्षा से धीमी चल रही है। अप्रैल और मई के बिजली बिलों में इस योजना का पात्र परिवारों को लाभ नहीं मिला है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है। उधर, ऊर्जा सचिव राकेश कंवर ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग को पात्र परिवारों की सूची बनाने का जिम्मा सौंपा गया है, जल्द ही पात्र परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा।
