30 मई। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के तीसरे एवं अंतिम चरण का मतदान शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। प्रदेश की 1,189 ग्राम पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, जिला परिषद तथा पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया। लगातार बारिश और खराब मौसम के बावजूद मतदान केंद्रों पर लोगों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली और प्रदेश में कुल मतदान प्रतिशत 66 फीसदी से अधिक दर्ज किया गया।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार सुबह 9 बजे तक 19.61 प्रतिशत, 11 बजे तक 41.70 प्रतिशत तथा दोपहर 1 बजे तक 63.70 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया। निर्धारित समय दोपहर 3 बजे समाप्त होने के बावजूद कई मतदान केंद्रों पर कतार में खड़े मतदाताओं को मतदान का अवसर दिया गया, जिससे अंतिम मतदान प्रतिशत में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई।

सबसे अधिक मतदान सिरमौर जिले में 75.12 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि शिमला 73.01 प्रतिशत मतदान के साथ दूसरे स्थान पर रहा। सोलन में 69.69 प्रतिशत, हमीरपुर में 69.62 प्रतिशत, लाहौल-स्पीति में 68.17 प्रतिशत, किन्नौर में 68.07 प्रतिशत तथा ऊना में 67.82 प्रतिशत मतदान हुआ। कुल्लू में 66.71 प्रतिशत, बिलासपुर और मंडी में 65.11-65.11 प्रतिशत, कांगड़ा में 60.88 प्रतिशत तथा चंबा में 54.98 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

मतदान के दौरान प्रदेशभर में लोकतंत्र के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह की कई प्रेरणादायक तस्वीरें सामने आईं। बिलासपुर के झंडूता क्षेत्र में 101 वर्षीय जैंडा राम ने मतदान कर युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का संदेश दिया। हमीरपुर में टांग में फ्रैक्चर होने के बावजूद 80 वर्षीय प्रेमी देवी मतदान केंद्र पहुंचीं, जबकि कई स्थानों पर 90 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

शिमला जिले में एक परिवार की चार पीढ़ियों ने एक साथ मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई। वहीं झंडूता क्षेत्र में खराब स्वास्थ्य और लगातार बारिश के बावजूद 65 वर्षीय देवराज को ग्रामीण पालकी में उठाकर मतदान केंद्र तक ले गए, जहां उन्होंने मतदान किया।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने भी मतदान में भाग लिया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने अपने पैतृक गांव विजयपुर में परिवार सहित मतदान किया। नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने गृह पंचायत पनौल में सपरिवार वोट डाला। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपनी पंचायत मुरहाग में मतदान किया, जबकि पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने अपनी बेटी के साथ मतदान किया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की 88 वर्षीय माता संसार देई ने अमलैहड़ पंचायत के पिंक बूथ भवड़ां में मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।

मतदान प्रक्रिया के दौरान अधिकांश स्थानों पर व्यवस्था शांतिपूर्ण रही, हालांकि कुल्लू जिले के बंजार क्षेत्र की मंगलौर पंचायत में बैलेट पेपर में प्रत्याशियों के नाम गलत दर्ज होने के कारण कुछ समय के लिए मतदान प्रभावित हुआ। जांच के बाद त्रुटिपूर्ण बैलेट पेपर रद्द कर मतदान दोबारा शुरू कर दिया गया।

बिलासपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में मतदान दिवस पर शराब का ठेका खुले रहने को लेकर ग्रामीणों ने विरोध भी दर्ज कराया और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। वहीं कुल्लू की सैंज घाटी के कंढा मतदान केंद्र में स्थानीय देव परंपरा का सम्मान करते हुए मतदान कर्मियों ने फर्श पर बैठकर मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई, जिसकी क्षेत्रभर में सराहना हुई।

बारिश, ठंड और कई स्थानों पर बिजली व सड़क संबंधी समस्याओं के बावजूद मतदाताओं का उत्साह पूरे दिन बना रहा। निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने मतदान को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक प्रबंध किए थे।

अब ग्राम पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के परिणाम घोषित किए जाएंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए डाले गए मतों की गणना 31 मई को की जाएगी। हिमाचल प्रदेश में तीसरे चरण के मतदान के साथ पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है।