
हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज संस्थाओं जिला परिषद और बीडीसी के मतों की गणना 31 मई को होनी है। राज्य निर्वाचन आयोग इसकी तैयारियों में जुट गया है। जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों की मतगणना संबंधित बीडीओ कार्यालयों के दायरे में करवाई जाएगी। जिला परिषद सदस्यों के विजेताओं की आधिकारिक घोषणा उपायुक्त और बीडीसी सदस्यों की विजयी उम्मीदवारों को घोषणा उपमंडलाधिकारियों (एसडीएम) की ओर से की जाएगी। आयोग ने मतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती शुरू कर दी है।
प्रदेश के 91 विकास खंडों में सुबह 9 बजे से मतगणना शुरू होगी। जिला परिषद वार्डों की मतगणना के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक जिला परिषद वार्ड में मतगणना के लिए 15 से 20 टेबल लगाए जाएंगी, जबकि एक वार्ड की मतगणना में करीब 35 कर्मचारी और अधिकारी तैनात रहेंगे। वोट ज्यादा होने पर टेबल और कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। वहीं, बीडीसी सीटों के लिए सामान्य तौर पर तीन राउंड रखे गए हैं, हालांकि मतों की संख्या कम या अधिक होने की स्थिति में राउंड की संख्या में बदलाव भी किया जा सकता है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया पूरी करवाने गई पोलिंग पार्टियों को मतगणना कार्य में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके लिए अलग से नया स्टाफ लगाया जाएगा ताकि चुनाव ड्यूटी से लौटे कर्मचारियों को राहत मिल सके और मतगणना प्रक्रिया भी सुचारू रूप से चल सके। आयोग का मानना है कि अलग टीमों की तैनाती से मतगणना में पारदर्शिता और तेजी दोनों बनी रहेंगी। जिला परिषद के मतगणना रात तीन बजे तक चलेंगे। अगले दिन भी जिला परिषद सदस्यों के विजयी होने की घोषणा हो सकती है।
उधर, नगर निगम सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर के चुनाव परिणामों को लेकर भी प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। इन नगर निगमों के नतीजे सुबह 10:00 बजे तक घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। नगर निगम चुनाव के प्रत्याशियों के मतों की गणना नगर निगम के दायरे में कॉलेज या स्कूल में की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारियों को इसके लिए स्थान चयनित करने को कहा गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतपेटियों की सुरक्षा को लेकर भी आयोग ने कड़े इंतजाम किए हैं। सभी मतपेटियों को संबंधित स्ट्रांग रूम में पुलिस सुरक्षा के बीच रखा गया है। स्ट्रांग रूम के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई है और अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को मतगणना केंद्रों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करवाना प्राथमिकता है। इसके लिए सभी जिलों में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से परिणाम घोषित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिला परिषद के वार्डों की मतगणना के लिए अतिरिक्त स्टाफ भी तैयार रहेगा। पहले बीडीसी उसके बाद जिला परिषद सदस्यों के मतों की गणना होगी।
