
हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना में कथित गड़बड़झाले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में भाजपा विधायक डॉ. जनकराज भी विजिलेंस जांच के दायरे में आ गए हैं। आईजीएमसी शिमला में डाॅ. जनकराज के चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) रहते हिमकेयर से जुड़े आय-व्यय, अस्पतालों को किए गए भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों को लेकर विजिलेंस ने उन्हें आज को पूछताछ के लिए शिमला कार्यालय बुलाया है। जांच एजेंसी हिमकेयर के तहत अस्पतालों को जारी भुगतान, योजना से संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड और उनके एमएस कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों से जुड़ी जानकारी जुटाएगी।
200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका
हिमकेयर योजना में 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। जांच में ऐसे निजी अस्पतालों को योजना के तहत इंपैनल किए जाने के तथ्य सामने आए हैं, जिनकी सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को लेकर सवाल उठे हैं। आरोप है कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में दो कमरों में संचालित होने वाले और पर्याप्त सुविधाएं न होने के बावजूद कुछ अस्पतालों को इसमें शामिल किया गया। इसके बाद इन अस्पतालों में मरीजों के उपचार, बिलिंग और सरकार से किए गए दावों की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है। विजिलेंस अलग-अलग अस्पतालों में मरीजों की संख्या, उपचार का रिकॉर्ड, बिलिंग और सरकार की ओर से जारी भुगतान का मिलान कर रही है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि अस्पतालों के इंपैनलमेंट के दौरान निर्धारित नियमों और मानकों का पालन हुआ था या नहीं
मुझे विजिलेंस कार्यालय बुलाया गया है। वीरवार को 11 बजे कार्यालय जाऊंगा। जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। आईजीएमसी में मेरे वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) रहते हिमकेयर में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। – डॉ. जनकराज, भाजपा विधायक
सूत्रों के अनुसार, मामले में भाजपा के एक पूर्व मंत्री से भी पूछताछ की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने हिमकेयर से जुड़े मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी है। एजेंसी ने विभागीय रिकॉर्ड जुटाने के साथ अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी अस्पतालों के प्रबंधन से पूछताछ शुरू की। जांच एजेंसी अब अस्पतालों के इंपैनलमेंट से लेकर मरीजों के उपचार, क्लेम और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है।
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस में केस दर्ज है। उनसे इस मामले में विजिलेंस ने मंगलवार को पूछताछ की थी। वहीं, आशीष शर्मा से एक अन्य मामले में पूछताछ हो चुकी है। इसके अलावा, पूर्व विधायक होशियार सिंह से सरकारी धन के दुरुपयोग मामले में विजिलेंस ने केस दर्ज किया है। वहीं, पूर्व विधायक केएल ठाकुर और चैतन्य शर्मा से भी अलग-अलग मामलों में पूछताछ की जा चुकी है।
