
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का असर बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के चलते लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ऊंची चोटियों पर एक बार फिर बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम को लेकर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।
कल्पा में सबसे ज्यादा गिरा पारा, सोलन भी ठंडा
प्रदेश में तापमान में गिरावट का सबसे ज्यादा असर किन्नौर के कल्पा में देखने को मिला है। यहां अधिकतम तापमान में 8.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
सोलन में भी अधिकतम तापमान 8 डिग्री गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी शिमला में 6.5 डिग्री की गिरावट के बाद अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, पर्यटन स्थल कुफरी में तापमान 5.6 डिग्री गिरकर 12 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
बारिश के बाद तापमान में आई इस गिरावट से प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ गया है।
चार जिलों में आंधी-तूफान का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में आंधी-तूफान की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में मौसम खराब होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात होने के आसार हैं। यदि बर्फबारी होती है, तो ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है।
2 नवंबर तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी होने की भी संभावना है।
हालांकि, शनिवार से किसी विशेष मौसम अलर्ट की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में मौसम की गतिविधियां कुछ क्षेत्रों तक सीमित रहने की संभावना है।
3 नवंबर के बाद मिल सकती है राहत
लगातार बदलते मौसम के बीच प्रदेश के लोगों को 3 नवंबर के बाद राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, इसके बाद प्रदेश में मौसम साफ हो सकता है। आसमान साफ रहने पर तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
फिलहाल बारिश के बाद बढ़ी ठंड और ऊंची चोटियों पर संभावित बर्फबारी को देखते हुए स्थानीय लोगों और हिमाचल घूमने आने वाले पर्यटकों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
