
शिमला। हिमाचल प्रदेश में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत बड़ी अपडेट सामने आई है। योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता पाने के लिए प्रदेशभर से करीब 10 हजार लोगों ने आवेदन किया है। अब इन सभी आवेदनों की पात्रता का सत्यापन जिला उपायुक्तों (डीसी) के माध्यम से किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद पात्र पाए जाने वाले आवेदकों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
हर महीने मिलेंगे 3 हजार रुपये
मुख्यमंत्री सहारा योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को इलाज, दवाइयों और अन्य जरूरी खर्चों के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध करवाना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर महीने 3 हजार रुपये दिए जाते हैं। इस तरह एक लाभार्थी को सालाना 36 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है।
पहले से सूची में शामिल लोगों को भी करना होगा आवेदन
योजना के संचालन की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को सौंपे जाने के बाद लाभार्थियों के रिकॉर्ड और आवेदन प्रक्रिया को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की पुरानी सूची में शामिल लोगों को भी नए नियमों के अनुसार पोर्टल पर दोबारा आवेदन करना होगा। नए आवेदनों की सूची सत्यापन के लिए जिलों के उपायुक्तों को भेजी गई है।
फिलहाल 4500 लोगों को मिल रही सहायता
वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में करीब 4500 लोगों को इस योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं, नए आवेदनों का सत्यापन पूरा होने के बाद लाभार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।
इन गंभीर बीमारियों के मरीजों को मिलता है लाभ
मुख्यमंत्री सहारा योजना के दायरे में कैंसर, पार्किंसंस, पक्षाघात, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित पात्र मरीज शामिल हैं।
विभाग के निदेशक सुमित खिमटा के अनुसार, योजना के तहत करीब 10 हजार लोगों ने आवेदन किया है। जिला उपायुक्तों के माध्यम से इनकी पात्रता का सत्यापन करवाया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र लोगों को आर्थिक सहायता जारी की जाएगी।
