
प्राथमिक स्कूल बह मंडी के बच्चे असुरक्षित भवन में डर के साये में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल की हालत यह है कि यहां कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इस समय स्कूल में 16 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल बिल्डिंग के चार कमरों में दरारें आ गई हैं। भवन की छत का प्लास्टर झड़ना शुरू हो गया है।
दरारें आने के बाद बच्चों को बरामदे में बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग भवन को काफी समय पहले असुरक्षित घाेषित कर चुका है। फंड न होने से भवन को गिराया नहीं जा रहा है। हैरत की बात तो यह है कि स्कूल को विभाग दूसरी जगह भी शिफ्ट तक नहीं करवा पाया है। स्थानीय लोगों ने श्रमदान से दो कमरों का निर्माण करवाया था, लेकिन इन कमरों की हालत भी दयनीय है। स्कूल में बच्चों के लिए कोई खेल मैदान भी नहीं है। करीब चार दशक पहले कंडोल पंचायत के बह मंडी में प्राथमिक स्कूल बनाया गया था। तीन साल पहले भूमि कटाव के चलते इस स्कूल के भवन में दरारें आ गई थीं। स्कूल में छह कमरे हैं। चार कमरों में दरारें आ चुकी हैं। बाकी दो कमरों की हालत भी काफी खराब है।
स्कूल भवन को असुरक्षित घाेषित करने के बाद गिराने के लिए फंड की मांग की गई थी। अभी तक प्रस्ताव केवल कागजों में ही उलझकर रह गया है। स्कूल प्रबंधन की ओर से कई बार उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन फंड की कमी आड़े आने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एसएमसी सदस्य स्कूल की हालत को लेकर विधायक से भी मिल चुके हैं। विधायक राम कुमार चौधरी ने फंड देने के आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक स्कूल के पास कोई पैसा नहीं आया है।
स्कूल के नाम छह कमरे हैं, लेकिन चार कमरों में दरारें आ चुकी हैं। भूमि कटाव के चलते ऐसा हुआ है। कमरों में दरारें आने के बाद इस भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया है। अब इस भवन को तोड़ने के लिए भी फंड की जरूरत है। एसएमसी की ओर से इसे तोड़ने लिए फंड की मांग सीएचटी व बीईईओ से की है, लेकिन अभी तक फंड नहीं आया है। – चंद्रकांता वर्मा, प्रधान, स्कूल प्रबंधन समिति
स्कूल के असुरक्षित भवन को तोड़ने के लिए फंड के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। जैसे ही फंड आता है इस असुरक्षित भवन को तोड़ दिया जाएगा। – नीलम, केंद्र मुख्य अध्यापक
