हिमाचल प्रदेश के चूड़धार में रास्ता भटके चार श्रद्धालुओं को शिमला पुलिस ने रातभर चले सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बचा लिया। घने जंगल, दुर्गम रास्तों और अंधेरे के बीच पुलिस जवानों ने लगातार तलाश जारी रखी। अभियान के दौरान दो युवकों और एक दंपति को सकुशल रेस्क्यू किया गया।

जानकारी के अनुसार, 13 सितंबर की रात 112 कंट्रोल रूम शिमला के माध्यम से सूचना मिली कि चूड़धार यात्रा से लौटते समय कुछ श्रद्धालु जंगल में रास्ता भटक गए हैं। उन्हें अपनी सही लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस थाना चौपाल की टीम ने बिना समय गंवाए सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया।

चूड़धार क्षेत्र के घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रात में तलाश करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद पुलिस जवानों ने अंधेरे की परवाह किए बिना लगातार खोजबीन जारी रखी।

कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस टीम ने आधी रात को पताल खड्ड की ओर जंगल में फंसे दो युवकों को सुरक्षित खोज निकाला। रेस्क्यू किए गए युवकों की पहचान राहुल (22 वर्ष) और साकेत (21 वर्ष), दोनों निवासी मोहाली, पंजाब के रूप में हुई है।

इसी दौरान पुलिस को चूड़धार क्षेत्र में दो अन्य श्रद्धालुओं के भी रास्ता भटकने की सूचना मिली। इनमें एक दंपति शामिल था। पुलिस ने पहले से चल रहे अभियान को जारी रखते हुए उनकी तलाश शुरू की।

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने राहुल (26 वर्ष) और उनकी पत्नी मधु (24 वर्ष), दोनों निवासी जिला करनाल, हरियाणा को भी सुरक्षित खोज लिया।

पुलिस ने चारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उनके ठहरने की व्यवस्था की। इसके बाद सभी को सुरक्षित वापस लाया जा रहा है।

रातभर चले इस रेस्क्यू अभियान में शिमला पुलिस के जवानों ने साहस, तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। चूड़धार क्षेत्र में घने जंगल, कठिन रास्तों और रात के समय कम दृश्यता के कारण यात्रियों के रास्ता भटकने का खतरा बना रहता है। ऐसे में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चारों श्रद्धालुओं को समय रहते सुरक्षित बचाया जा सका।