
मंडी शहर में देर रात भारी बारिश के कारण मलबा और पानी घरों में घुस गया। इससे कई लोग कमरों में कैद हो रह गए। इनके बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था।स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाकर कमरों के दरवाजे और खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे लोगों की जान बचाई। क्षेत्रीय अस्पताल के साथ लगती दौला काॅलोनी में मान सिंह के परिवार के छह सदस्यों ने मौत को बड़ी नजदीक से देखा। पहाड़ी से पानी के साथ चट्टानों की गड़गड़ाहट के बीच सभी सदस्य किराये के घर में बंद होकर रह गए। इसी दौरान घर के अंदर फंसे लोगों ने दरवाजे के वेंटिलेटर को तोड़ कर सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान एक सदस्य पानी के तेज बहाव में बह गया लेकिन बचाव कार्य में जुटे लोगों ने उसे टांग से पकड़ कर बचा लिया।
स्थानीय पार्षद सुमन ठाकुर समेत अन्य लोग परिवार के सदस्यों को बचाने पहुंचे, लेकिन दरवाजे पानी और मलबे के कारण बंद हो गए थे। वेंटिलेटर को तोड़ने के बाद इन्हें बाहर निकाला। किराये के मकान में रहने वाले अन्य व्यक्ति मनोज कुमार ने बताया कि रात करीब 3:30 बजे मकान में सोया था। झमाझम बारिश के बीच अचानक पहाड़ी से पानी के साथ पत्थर आना शुरू हो गए, साथ लगते अन्य मकान की दूसरी मंजिल के ऊपर से मलबा उनके किराये के कमरे के बाहर गिरने लगा। नाली में भारी मात्रा में पानी के साथ चट्टानें और मलबा आ रहा था। वह परिवार के सदस्यों के साथ बाहर निकल सुरक्षित स्थान की ओर दौड़ पड़ा। कमरे के बाहर गैरेज में बाइक मलबे में दब गई।
स्थानीय निवासी रवि शर्मा ने बताया कि पहाड़ी से पानी के साथ आए मलबे ने उनकी नई स्कॉर्पियो गाड़ी को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घर के बाहर पार्क की गई गाड़ी को पानी का बहाव वहां से नीचे तक ले गया।
इधर, जेल रोड के साथ लगती तुंगल कॉलोनी में एक महिला चार बच्चों के साथ फंस गई। घटना की आपबीती बताते हुए स्थानीय पार्षद हरदीप ने कहा कि उन्हें सुबह चार बजे फ्लड आने की सूचना मिली। टीम के साथ तुंगल कॉलोनी की तरफ गए तो वहां 10 से 15 कारें उल्टी-सीधी खड़ी थीं। करीब 30 से 40 स्कूटियां और बाइक मलबे में दबी थीं। मुश्किल से महिला के घर तक पहुंचे। घर मलबे और पानी से भर गया था। मौके पर स्थानीय लोगों ने खिड़की को तोड़ा और महिला और चार बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। महिला कल्हणी की रहने वाली है। यहां बच्चों की पढ़ाई को लेकर किराये के मकान में रह रही थी। स्थानीय निवासी संजय ने बताया कि लोगों के घरों में पानी और मलबा घुसने से काफी नुकसान हुआ है। यहां किराये पर रह रहे जम्मू के इरफान ने बताया कि वे आठ लोग रहते हैं। रात दो बजे कमरे में पानी आना शुरू हुआ तो सभी उठ गए। मुश्किल से सुबह का इंतजार किया तब तक इधर-उधर घूमकर समय गुजारा।
