
हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ी पहल की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। केंद्र सरकार की टीम ने नालागढ़ के मंझोली औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क के लिए चयनित करीब 150 एकड़ जमीन का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में जमीन को औद्योगिक पार्क के लिए उपयुक्त पाया गया है। इस परियोजना से प्रदेश में निवेश बढ़ने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
154 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा औद्योगिक पार्क
केंद्र सरकार की टीम ने शनिवार को नालागढ़ स्थित मंझोली औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित पार्क के लिए चयनित भूमि की फिजिबिलिटी का जायजा लिया। करीब 150 एकड़ में बनने वाले इस औद्योगिक पार्क की अनुमानित लागत 154 करोड़ रुपये है। निरीक्षण के दौरान जमीन को प्रारंभिक तौर पर परियोजना के लिए उपयुक्त पाया गया।
अब केंद्रीय टीम की ओर से ऊना जिले के बीटन में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क के लिए चयनित 75 एकड़ जमीन का भी निरीक्षण किया जाना है। बीटन में करीब 80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पार्क विकसित करने की योजना है।
हिमाचल में विकसित किए जाएंगे चार औद्योगिक पार्क
प्रदेश सरकार ने हिमाचल में कुल चार औद्योगिक पार्क विकसित करने की तैयारी की है। पहले चरण में दो पार्क स्थापित किए जाने हैं। इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से करीब 600 करोड़ रुपये की सहायता मिलने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। अनुमान के अनुसार, प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों से करीब 15 हजार युवाओं को रोजगार मिल सकता है।
निवेशकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि उद्योग स्थापित करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा पहले से विकसित किया जाएगा, ताकि निवेशकों को इकाई लगाने में कम समय लगे।
इन पार्कों में सड़क, बिजली, पानी, ड्रेनेज और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे प्रदेश में नए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को गति मिलने और औद्योगिक निवेश का माहौल बेहतर होने की उम्मीद है।
मंझोली और बीटन के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
केंद्र सरकार की स्वीकृति और वित्तीय सहायता मिलने के बाद जमीन के विकास तथा आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों को गति मिलने की संभावना है। मंझोली और बीटन की जमीन का निरीक्षण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि हिमाचल में चार औद्योगिक पार्कों का निर्माण प्रस्तावित है। दो पार्कों की डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है, जबकि दो अन्य पार्कों की डीपीआर तैयार की जा रही है।
