राजधानी शिमला सहित सुंदरनगर, मंडी और बिलासपुर सहित निचले और मध्य पर्वतीय कई इलाकों में शुक्रवार तड़के कोहरा छाया रहा। हालांकि बाद में धूप निकली और दिन चढ़ने के साथ ही मौसम साफ हो गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में तीन नवंबर तक मौसम शुष्क और साफ बना रहेगा। चार और पांच नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे उच्च पर्वतीय और जनजातीय इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर और बढ़ेगा।

इस वर्ष अक्तूबर का महीना बारिश के लिहाज से असामान्य रूप से सक्रिय रहा। विभाग के आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर में प्रदेशभर में सामान्य से 173 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले 20 वर्षों में सर्वाधिक है। आमतौर पर अक्तूबर में मानसून के विदा होने के बाद प्रदेश में सूखे जैसे हालात बनने लगते हैं, मगर इस बार बादलों ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश कर दी। हिमाचल प्रदेश में साल 1901 के बाद से अक्तूबर में 14वीं सबसे अधिक बारिश (68.5 मिमी) हुई है। यह 2005 के बाद से अक्तूबर में हुई सबसे अधिक बारिश है।

2005 में 70 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इससे पहले 1955 में सबसे अधिक बारिश 413.5 मिलीमीटर दर्ज की गई थी। उधर, राज्य के सात स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। वीरवार रात को कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 1.2, ताबो में माइनस 0.8, केलांग में 0.1, कल्पा में 4.1, मनाली में 5.9, रिकांगपिओ में 7.2, नारकंडा में 7.5, भरमाैर में 9.4, शिमला में 10.5, सोलन में 12.4, हमीरपुर में 13.0, मंडी में 13.2, नाहन में 15.1, ऊना-बिलासपुर में 15.5 और धर्मशाला में 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

क्षेत्रअधिकतम तापमान
ऊना30.6
हमीरपुर30.5
बिलासपुर29.0
कांगड़ा28.2
मंडी27.4
सोलन27.2
धर्मशाला27.1
नाहन25.3
शिमला 22.4
मनाली19.4