
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिमला के ऐतिहासिक रिज के नीचे स्थित 140 साल पुराने भूमिगत जल टैंक की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार और शिमला नगर निगम को नोटिस जारी कर स्थिति रिपोर्ट मांगी है। शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ‘हाईकोर्ट ने हमें अपना जवाब दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है। अगर रिज टैंक को कोई संरचनात्मक खतरा है, तो हम तुरंत कार्रवाई करेंगे। हम रिज के नीचे के इलाके को स्थिर कर रहे हैं, खासकर तिब्बती मार्केट रोड और चिनार के पेड़ के पास के डूब क्षेत्र को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम वहां एक पार्क भी बना रहे हैं।
इलाके पर नजर रखी जा रही है। भार वहन करने की क्षमता की बात करें तो पिछले 15 वर्षों में हमने रिज पर एक फुट से ज्यादा परत नहीं बिछाई है। यहां तक कि डलहौजी ब्रिज की पुरानी एक फुट की टायरिंग भी वजन कम करने के लिए हटा दी गई थी। रिज पर किसी भी गतिविधि या रैली की अनुमति गृह विभाग देता है, नगर निगम नहीं। हम दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं। पिछले महीने एक घटना के बाद जिला ला प्रशासन ने भी रिज पर कोई भी भारी संरचना न रखने के निर्देश जारी किए थे। हम अदालत के आदेशों का पूरा समर्थन करते हैं और उनका अक्षरशः पालन करेंगे…’
