
हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम के चलते दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश में दो एनएच समेत 387 सड़कें अभी अवरुद्ध हैं। मंडी में भूस्खलन के चलते शनिवार से अवरुद्ध चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे सोमवार को करीब 3 बजे 35 घंटे बाद बहाल हो सका। सुन्नी और तत्तापानी के बीच सड़क के ध्वस्त होने से शिमला का करसोग से सड़क संपर्क कट गया है। चंबा में भारी बारिश के बीच तेलका के पास बिंदोखी नाले में एक गाड़ी के फंसने से चालक समेत पांच सवारियों की जान पर बन आई। नाले के तेज बहाव के चलते गाड़ी बीच में ही फंस गई और बहने लगी। सवारों ने कूदकर जान बचाई और बाद में गाड़ी निकाली।
सोमवार को राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। इससे जगह-जगह भूस्खलन के चलते कई इलाकों का सड़क संपर्क कट गया है। प्रदेश में 760 ट्रांसफार्मर ठप होने से कई क्षेत्रों में बिजली नहीं हैं। पेयजल योजनाओं में गाद आने से शिमला समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में पानी का संकट हो गया है। थलौट में भूस्खलन और पत्थर आने के खतरे को देखते हुए कुछ दुकानदारों ने एहतियातन दुकानें खाली कर दी हैं। किरतपुर-मनाली हाईवे कुल्लू-मंडी के बीच बंद होने से सैकड़ों वाहन बजौरा में फंसे हैं। बंजार में एचएच-305 समेत अन्य संपर्क सड़कें भूस्खलन के कारण बंद पड़ी हैं।
सैंज-लारजी और भुंतर-मणिकर्ण सड़क भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। सेब, टमाटर, गोभी समेत अन्य फसलें खेतों और बगीचों में तैयार हैं लेकिन किसान-बागवान इन्हें मंडियों तक पहुंचाने में असमर्थ हैं। कांगड़ा जिले में सोमवार को सुबह और दोपहर बाद बारिश हुई। धर्मशाला-पठानकोट वाया सुधेड़ सड़क रात को भूस्खलन होने के कारण तीन घंटे बंद रही। हमीरपुर में बारिश से एक कच्चा घर पूरी तरह से और एक आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ। सिरमौर में कोलर और सैनवाला में कुछ घरों में पानी घुस गया है।
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के सात जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के कई क्षेत्रों में मंगलवार को बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में भी बारिश के आसार हैं, लेकिन कोई चेतावनी जारी नहीं हुई है। 22 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।
लगातार बारिश से पौंग बांध का जलस्तर 1382.49 फीट तक पहुंच गया है। पानी खतरे के निशान से सिर्फ आठ फीट दूर है। जलस्तर 1,390 फीट पहुंचने के बाद गेट से पानी छोड़ा जाएगा। उधर, किन्नौर जिले के कड़छम डैम से सोमवार को 482 और नाथपा बांध से 408 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया। वहीं, बीबीएमबी के अधिशासी अभियंता मनीष कश्यप ने बताया कि भाखड़ा बांध में पानी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। मशीनों के माध्यम से ही नियमित तौर पर बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। सिरमौर के जटोन बांध से सोमवार को पानी छोड़ा गया।
| जुब्बड़हट्टी | 70 |
| पालमपुर | 58 |
| शिमला | 48 |
| धर्मशाला | 31 |
| नाहन | 30 |
| भुंतर | 25 |
| मनाली | 23 |
| कांगड़ा | 20 |
