हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। यदि कोई शिक्षक चयन के बाद किसी कारणवश दी गई पोस्टिंग स्वीकार नहीं करता या निर्धारित समय में पद ग्रहण नहीं कर पाता, तो उसे भविष्य में सीबीएसई स्कूलों में तैनाती से वंचित नहीं किया जाएगा। यानी ऐसे मामलों में डिबारमेंट लागू नहीं होगा। सरकार ने शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि जॉब ट्रेनी या अनुबंध शिक्षक यदि चयनित होकर सीबीएसई स्कूलों में तैनात होते हैं, तो उनकी वर्तमान सेवा शर्तें बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी। इससे इन शिक्षकों के बीच बनी असुरक्षा की भावना पर विराम लगेगा। सीबीएसई स्कूलों में पहले से कार्यरत पीरियड बेस्ड एसएमसी शिक्षकों के लिए भी सरकार ने राहत भरा फैसला लिया है। नए चयनित शिक्षकों की तैनाती के कारण उन्हें नहीं हटाया जाएगा। वे अगले आदेशों तक अपने पदों पर कार्यरत रहेंगे। काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने वाले शिक्षकों को सरकार ने ड्यूटी पर माना है। ऐसे में उन्हें नियमानुसार यात्रा भत्ता (टीए) और दैनिक भत्ता (डीए) मिलेगा, जिससे शिक्षकों को आर्थिक राहत भी मिलेगी। निदेशालय ने सभी जिला और खंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन गाइडलाइंस को तुरंत सभी संबंधित स्कूलों और शिक्षकों तक पहुंचाया जाए, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।

प्रदेश शिक्षा निदेशालय में सीबीएसई स्कूलों में नियुक्ति के लिए प्रिंसिपलों की काउंसलिंग प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होगी। मेरिट के आधार पर समय स्लॉट निर्धारित किए गए हैं, जिसके तहत अभ्यर्थियों को तय समय पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा। 5 मई को सुबह सत्र में मेरिट नंबर 1 से 100 तक के अभ्यर्थियों को सुबह 9 बजे रिपोर्ट करना होगा, जबकि दोपहर सत्र में 101 से 200 तक के अभ्यर्थी शामिल होंगे। 6 मई को सुबह सत्र में 201 से 300 और दोपहर सत्र में 300 से 330 तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। काउंसलिंग में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को भरा हुआ काउंसलिंग फॉर्म, इन-सर्विस शिक्षक प्रमाणपत्र, अंडरटेकिंग तथा 10वीं की मार्क्सशीट/जन्म प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति साथ लानी होगी। बिना दस्तावेज के अभ्यर्थियों को काउंसलिंग में शामिल नहीं किया जाएगा।