
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन और आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन, अवैध निर्माण और बेनामी जमीन सौदों पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार और वन विभाग को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने दोहराया कि सोलन, बड़ोग, कुमारहट्टी व आसपास के इलाकों में छह मंजिल से अधिक ऊंची इमारतों के निर्माण की अनुमति नहीं है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इस सीमा से अधिक किसी नए निर्माण या फिनिशिंग कार्य की अनुमति न दी जाए।
अदालत ने राजस्व विभाग के प्रधान सचिव को वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराने, पेड़ों की कटाई, उनकी आधिकारिक मार्किंग और हरित आवरण में आई कमी पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को होगी
अर्थ हीलर्स फाउंडेशन की जनहित याचिका में पेश तस्वीरें देखबे के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि पहाड़ों की कटाई और हरित आवरण को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मौके पर कटे हुए देवदार और अन्य पेड़ों की लकड़ी के ढेर पड़े हुए हैं, जिससे ऐसा लगता है कि वन विभाग इस तबाही की ओर से आंखें मूंदे बैठा है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि सोलन के कई गांवों में हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट, 1972 की धारा 118 को दरकिनार कर बाहरी लोगों को जमीनें बेची जा रही हैं।
