
नगर निगम और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी प्रत्याशी, समर्थक जाति और धर्म के नाम पर वोट मांगते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रत्याशियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी होगी। किसी भी प्रकार के भड़काऊ भाषण या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधि को तुरंत रोकना होगा।
आयोग ने यह भी कहा है कि चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग ने साफ किया है कि किसी भी शिक्षण संस्थान के आसपास लाउड स्पीकर के उपयोग की अनुमति नहीं होगी, साथ ही शाम 6 बजे के बाद लाउड स्पीकर बजाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस संबंध में नियमित निरीक्षण करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई करें। नगर निगम में नामांकन प्रक्रिया जोर पकड़ रही है। जिससे चुनावी गतिविधियों में तेजी साफ तौर पर देखी जा रही है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की आचार संहिता के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चुनावी माहौल में बढ़ती सक्रियता के बीच आयोग के इन निर्देशों को अहम माना जा रहा है।
