
कांग्रेस जिला अध्यक्षों के कांगड़ा में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के समापन पर राहुल गांधी ने संगठन को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्ष नेताओं की परिक्रमा छोड़कर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करें। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल सहित अन्य बड़े नेताओं की मौजूदगी में राहुल ने कहा कि जिला अध्यक्ष केवल रिपोर्ट न दें, बल्कि सही-गलत का निष्पक्ष आकलन कर आलाकमान को वास्तविक स्थिति बताएं।
उन्होंने हिमाचल कांग्रेस में गुटबाजी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि किसी गुट विशेष से जुड़ने के बजाय जनता के मुद्दों पर काम करना जरूरी है। राहुल ने स्पष्ट किया कि केवल प्रतीकात्मक कार्यक्रमों से काम नहीं चलेगा, बल्कि दलित, गरीब और महिलाओं के मुद्दों पर सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना होगा। राहुल ने हर चुनाव के बाद आत्ममंथन करने की जरूरत बताई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन कुछ जिला अध्यक्षों के परिवार भी कार्यक्रम में पहुंचे थे। राहुल गांधी ने उनसे भी मुलाकात की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वीरवार को कांगड़ा शहर के समीप गुप्ता गंगा के यात्री सदन में तीन राज्यों के जिला कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर और कार्यशाला में जोश भरा। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए जिला अध्यक्षों को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार दिया जाएगा। जो जिला अध्यक्ष बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। बूथ स्तर पर काम करने वाले ईमानदार और मेहनती कार्यकर्ताओं को भी उचित सम्मान और अवसर मिलेगा
राहुल ने कहा कि कार्यकर्ता अपने मन से डर खत्म कर आत्मविश्वास जगाएं। तनावमुक्त रहकर धरातल पर पहुंचकर आम आदमी की आवाज बनें, लेकिन इससे पहले उन्हें आत्मविश्वास जगाना होगा। हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के जिला अध्यक्षों से संवाद करते हुए राहुल गांधी ने संगठन से जुड़े सवाल पूछे और सुझाव मांगे। सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक चली कार्यशाला में राहुल गांधी ने संगठन को नई धार देने में कोई कमी नहीं छोड़ी।
उन्होंने कहा कि जिला संगठन के विभिन्न पदों पर नियुक्तियां जिला अध्यक्ष अपने विवेक से करें। जिला अध्यक्षों को जज की तरह निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए, न कि वकील की तरह पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाना चाहिए। पार्टी की मजबूती का आधार मजबूत बूथ हैं। इसके लिए जरूरी है कि सच्चे और समर्पित कार्यकर्ताओं की पहचान कर उन्हें जिम्मेदारी दी जाए। जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी की असली ताकत उसका संगठन और बूथ स्तर पर काम करने वाला सच्चा कार्यकर्ता है।
