
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे को जोड़ने वाली सड़क के दोनों ओर हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने मामले पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी किए हैं। खंडपीठ ने राज्य सरकार को मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की आदेश दिए हैं। अदालत ने आदेश दिया कि रिपोर्ट में बताया जाए कि सड़क किनारे हो रहे निर्माण के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है। मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी।
स्टेटस रिपोर्ट में उन सभी निर्माणों की सूची भी देने होगी जो अतिक्रमण की श्रेणी में आते हैं। कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी से यह भी पूछा है कि सड़क के केंद्र से न्यूनतम कितनी दूरी पर निजी भूमि मालिक निर्माण कार्य और भवन बना सकते हैं। अदालत को इसे लेकर एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें हवाई अड्डे की सड़क पर निर्माण और अतिक्रमण की शिकायत की गई थी और पीडब्ल्यूडी पर अनदेखी का आरोप लगाया गया है। अदालत ने इस पत्र को जनहित याचिका में बदलते हुए इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि जाम की वजह से हवाई अड्डे पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
