हिमाचल प्रदेश पुलिस ने तंबाकू नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ सोमवार को पूरे राज्य में व्यापक विशेष अभियान चलाया। स्पेशल टास्क फोर्स (STF), जिला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों ने प्रदेशभर में एक साथ छापेमारी कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की।
अभियान के तहत गठित 93 संयुक्त उड़न दस्तों ने राज्यभर में 2,371 दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 और 2016 के विनियमन अधिनियम के उल्लंघन के मामलों में 956 चालान किए गए तथा ₹5,55,850 का जुर्माना वसूला गया। जिन मामलों में मौके पर जुर्माना नहीं वसूला जा सका, उन्हें नियमानुसार कंपाउंडिंग के लिए अदालत भेजा गया है।
पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं, बल्कि युवाओं को तंबाकू और नशे की शुरुआती लत से बचाना भी है। उन्होंने कहा कि बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अक्सर गंभीर नशे की ओर पहला कदम साबित होते हैं, इसलिए इनकी बिक्री और उपयोग पर सख्ती जरूरी है।
अभियान के दौरान विशेष रूप से नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचने, बिना वैध लाइसेंस के बिक्री, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू की उपलब्धता, सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन और तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित कराया गया।
कार्रवाई के साथ-साथ दुकानदारों और आम लोगों को तंबाकू नियंत्रण कानूनों तथा तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

