
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस की ओर से घोषित राष्ट्रीय स्नातकोत्तर पात्रता सह प्रवेश परीक्षा का परिणाम में कुल्लू के गांधीनगर की मीनाक्षी बधवा ने देशभर में 269वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने कहा कि वह एमडी मेडिसिन या गायनी में करना चाहेंगी। पहले ही प्रयास में उन्होंने नीट पीजी उत्तीर्ण कर 650 अंक हासिल किए हैं। वह साधारण परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता गोपाल बधवा भोजनालय चलाते हैं। माता ममता बधवा गृहिणी हैं। दोनों बेटी की सफलता से खुश हैं। मीनाक्षी ने आईजीएमसी शिमला से एमबीबीएस की पढ़ाई की है और साढ़े पांच साल के पाठ्यक्रम में हर वर्ष प्रदेश में टॉप रैंक हासिल की।
चंबा शहर के कसाकड़ा मोहल्ला के हारून ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा नीट पीजी में 1668वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने सोलन से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद नीट पीजी दिया। उन्होंने पहले प्रयास में ही यह सफलता हासिल की है। हारून ने सफलता का श्रेय अपने पिता इजाज मोहम्मद और माता राजिया बेगम को दिया है। उनकी मेहनत के लिए प्रोत्साहन देने में चाचा मोहम्मद सरफराज और गुरुजनों का भी सहयोग रहा।
पपरोला की बुहली कोठी की दीप्ति शर्मा पुत्री डॉ. अनिल उपाध्याय ने घोषित मेडिकल ऑफिसर की मेरिट लिस्ट में प्रदेश में प्रथम स्थान किया है। हासिल डॉ. दीप्ति शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा बैजनाथ के निजी विद्यालय में हुई। मेडिकल की पढ़ाई टांडा मेडिकल कॉलेज में हुई। डॉ. दीप्ति के पिता अनिल उपाध्याय जिला आयुर्वेदिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और माता रंजू उपाध्याय अध्यापिका हैं। दीप्ति के परिजनों ने उपलब्धि पर खुशी जाहिर की और भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
