
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन उपमंडल के बड़ाबन गांव निवासी बलिदानी लांस नायक मनीष ठाकुर की पार्थिव देह बुधवार दोपहर पैतृक गांव पहुंची। तिरंगे में लिपटी अपने लाडले की पार्थिव देह देख परिजन बेसुध हो गए। मां व पत्नी गहरे सदमे में हैं। इस दाैरान लांस नायक मनीष ठाकुर अमर रहे, भारत माता की जय के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बलिदानी को श्रद्धांजलि व अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों लोग बड़ाबन में माैजूद रहे। बलिदानी मनीष ठाकुर की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। इस दाैरान हर आंख नम हो गई। बलिदानी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें, रविवार शाम करीब 7:30 बजे उत्तरी सिक्किम के छत्ते नामक स्थान पर भूस्खलन की चपेट में आने से डोगरा रेजिमेंट में तैनात मनीष वीरगति को प्राप्त हुए। मनीष की मां बेसुध हालत में हैं तो पिता गमगीन। तीन महीने पहले घर में आई बहू भी गहरे सदमे में है। बताया जा रहा है कि मनीष की यूनिट रानीखेत जा रही थी। इसकी जानकारी मिलने पर उसने वहां अपनी पत्नी को साथ रखने के लिए पहले ही कमरे का इंतजाम भी करवाया था।
वहीं, गांव वालों को यकीन ही नहीं हो रहा है कि उनका मनीष अब नहीं रहा है। पंचायत प्रधान कमल ने बताया कि मनीष पढ़ाई में बहुत होशियार था, उसने नॉन मेडिकल में बारहवीं की थी और सेना में भर्ती होकर परिवार का सहारा बना था। हाल ही में उन्होंने अपने कुल देवता मंदिर में बर्तन उपलब्ध करवाए तो वहीं एक अन्य मंदिर में शेड भी डलवाया था। शादी से पहले जमीन खरीदकर मकान बनाया। लेकिन किसे मालूम था कि उन्हें परिवार के साथ रहना ही नहीं मिलेगा।
