प्रदेश हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले में अहम निर्णय सुनाया है। न्यायधीश विवेक सिंह ठाकुर ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि एक ही उद्देश्य के लिए भूमि का अधिग्रहण करने पर भूमि का एक ही मूल्य तय किया जाएगा।

भूमि अधिग्रहण अधिकारी ने अधिग्रहित भूमि के वर्गीकरण के आधार पर मुआवजा प्रदान किया था जिसमें बाखल, अव्वल, दोयम बंजर और कदीम के लिए अलग-अलग बाजार मूल्य तय किया गया था। अदालत ने कहा कि भूमि का उचित मूल्य तय करने के लिए बिक्री विलेख के दस्तावेजों का सहारा लिया जाना उचित है। बिक्री विलेख के तहत दोनों पक्ष आपसी बातचीत से भूमि का मूल्य तय करते हैं और निश्चित रूप से भूमि अधिग्रहण अधिकारी को इस तरह के दस्तावेज के आधार पर अधिग्रहित भूमि का मूल्य तय किया जाना चाहिए।
