
हिमाचल प्रदेश के सभी छह मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। सरकार ने मेडिकल कॉलेज नेरचौक में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। वहीं, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग स्थापित करने को स्वीकृति दी है। इन विभागों के सुचारु संचालन के लिए 118 पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया है। इसके अलावा टांडा, हमीरपुर और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में तीन टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित होंगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप अस्पताल प्रशासन की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि किडनी, नसों और पाचनतंत्र से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।
मेडिकल कॉलेज नेरचौक में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की स्थापना के बाद इसके सुचारु कार्यान्वयन के लिए प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर, न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजिस्ट और रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर के पद सृजित कर भरे जाएंगे। इसके अलावा नाहन मेडिकल कॉलेज में पैथोलॉजी विभाग में इम्यूनोहेमेटोलॉजी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर का पद भरने को भी सरकार ने मंजूरी दी है।
