हिमाचल प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अब ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। गैस कंपनियों ने यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और संभावित गैस संकट को ध्यान में रखते हुए लिया है। खासतौर पर खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। गैस एजेंसियों के अनुसार लंबे समय से निष्क्रिय पड़े गैस कनेक्शनों की पहचान और फर्जी कनेक्शनों पर रोक लगाने के उद्देश्य से राज्यभर में ई-केवाईसी अभियान चलाया जा रहा है।

इसके तहत प्रत्येक उपभोक्ता का सत्यापन किया जाएगा, ताकि वास्तविक लाभार्थियों तक ही गैस आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। गैस कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि जो उपभोक्ता समय रहते अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाएंगे, उनके गैस कनेक्शन भविष्य में अस्थायी रूप से ब्लॉक किए जा सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपने नजदीकी गैस एजेंसी या अधिकृत केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूरी करें। गैस एजेंसियों का कहना है कि इस अभियान से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

कई मामलों में देखा गया है कि एक ही व्यक्ति के नाम पर कई कनेक्शन सक्रिय हैं या लंबे समय से उपयोग में नहीं हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है। ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं को कुछ आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाने होंगे। इनमें प्रमुख रूप से आधार कार्ड, पंजीकृत मोबाइल नंबर, एलपीजी उपभोक्ता संख्या या पासबुक शामिल हैं। सत्यापन के दौरान मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से पुष्टि भी की जाएगी।