
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ बैठक करते हुए सात प्राथमिकताओं पर कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने बताया कि आगामी दो वर्ष के लिए मुख्यमंत्री ने रोड मैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सचिवों और विभाग अध्यक्षों को समय से कार्यालय आना-जाना होना चाहिए। यदि किसी ने शहर से बाहर जाना है तो इसकी जानकारी मुख्य सचिव सहित मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री को भी दी जाए।
मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, हाइड्रो एनर्जी, प्राकृतिक खेती और डाटा स्टोरेज की सात प्राथमिकताएं तय की हैं। गुप्ता ने कहा सभी अधिकारियों को निर्धारित समय में फाइलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन से ज्यादा फाइल प्रशासनिक सचिवों के पास नहीं रुकनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए वित्त सचिव को प्रस्ताव बनाने को कहा गया है। इसके तहत आय के संसाधन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि जिन सात प्राथमिकताओं को मुख्यमंत्री ने तय किया है और उनके लिए निरंतर बजट जारी होगा।
गुप्ता ने कहा कि जब वे बिजली बोर्ड में अध्यक्ष बनकर गए थे तो बोर्ड की हालत वित्तीय तौर पर ठीक नहीं थी। मुझसे पहले अध्यक्ष वहां निरंतर नहीं बैठते थे। मैं वहां सामान्य और राजकोषीय अनुशासन बनाया। बोर्ड को 500 करोड़ रुपये का लाभ भी हुआ है और अब वहां नारेबाजी भी बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड कभी भी घाटे में नहीं जाना चाहिए था। वहां फिजूल खर्ची बहुत अधिक हुई। हमने एक दुधारू गाय को मार दिया। अब वहां पर फिजूल खर्ची को बंद कर अनुशासन बनाया गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि दोपहर 3:00 वह प्रशासनिक सचिवों के साथ अलग से भी बैठक करेंगे। इस दौरान सभी अधिकारियों को लक्ष्य दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ बैठक करते हुए सात प्राथमिकताओं पर कार्य करने के निर्देश दिए।
