मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जो बच्ची इस आपदा में अपने माता-पिता दोनों को खो बैठी है, अब वह अकेली नहीं है। हिमाचल सरकार ने उसे ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि अब उसकी परवरिश, शिक्षा और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत राज्य सरकार सम्मान और स्नेह के साथ निभाएगी।

यह बात सीएम सुक्खू ने सोशल मीडिया पर डाली अपनी एक पोस्ट में कही। उन्होंने कहा कि करसोग के सभी प्रभावित बच्चों को भी इंदिरा गांधी सुख-शिक्षा योजना के तहत 1,000 रुपये की मासिक सहायता और जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी, क्योंकि संवेदनशील सरकार होने का मतलब यही है कि हर टूटे हुए जीवन को फिर से संभालना है।