राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में इस वर्ष कुल 32 शिक्षकों को पुरस्कार से नवाजा जाएगा। समारोह शुक्रवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में होगा। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर सम्मानित शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान करेंगे। इस अवसर पर 26 स्कूल शिक्षकों और 6 कॉलेज शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिया जाएगा।

पुरस्कार स्वरूप उन्हें प्रशस्तिपत्र, एक विशेष मेडल और नौकरी में एक वर्ष का सेवा विस्तार मिलेगा। इस बार पिछले वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता चंबा जिले के सुनील कुमार को भी राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसी कड़ी में जिला सोलन के शिक्षक शशि पाल को 5 सितंबर को दिल्ली में समारोह में राष्ट्रपति की ओर से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से शिक्षकों के योगदान को मान्यता देना न केवल शिक्षा जगत को प्रेरित करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक आदर्श प्रस्तुत करता है।

स्कूल शिक्षकों की तर्ज पर इस साल से तकनीकी शिक्षकों को भी राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया जाएगा। तकनीकी शिक्षा विभाग ने छह चयनित शिक्षकों की सूची जारी कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने तकनीकी शिक्षकों की सेवाओं को भी अधिमान देने के लिए पुरस्कार देने का बीते दिनों फैसला लिया था। शिक्षकों को भी पीटरहॉफ शिमला में होने वाले राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में पुरस्कार से नवाजा जाएगा। जवाहर लाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज सुंदरनगर के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार, हमीरपुर पाॅलीटेक्निक कॉलेज के विभागाध्यक्ष आईटी पंकज ठाकुर, मंडी आईटीआई के प्रशिक्षक जगमोहन और महेंद्र पाल को बेस्ट टीचर अवाॅर्ड के लिए चुना गया है। अनुसंधान उत्कृष्टता और नवाचार पुरस्कार के लिए सुंदरनगर इंजीनियरिंग कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार और प्रगतिनगर इंजीनियरिंग कॉलेज के अनुज गुप्ता को चुना गया है। 

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तिंदी से शास्त्री अध्यापक गिरधारी लाल को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा जाएगा। उपमंडल उदयपुर के अंतर्गत तिंदी पंचायत के कैंण निवासी गिरधारी लाल 24 वर्षों से तिंदी स्कूल में तैनात हैं। उनकी उपलब्धि है कि उन्होंने अपने अध्यापन कार्यकाल के अब तक पांच शास्त्री अध्यापक दिए हैं। गिरधारी लाल ने कहा कि पांच शास्त्री अध्यापक तैयार करने के साथ उनका पाठशाला में अध्यापकों के साथ साझा प्रयास, पर्यावरण के साथ अन्य गतिविधियों में निरंतर प्रयासरत रहे। उनके पढ़ाए पांच शास्त्री अध्यापक इस समय विभिन्न स्कूलों में तैनात हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग का आभार जताया कि उन्हें राज्य स्तरीय शिक्षक अवार्ड के लिए उनका चयन किया है। लाहौल-स्पीति जिले की विधायक अनुराधा राणा, तिंदी पंचायत प्रधान कमला देवी ने शास्त्री अध्यापक गिरधारी लाल को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन पर बधाई दी है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग देकर 220 विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय में चयनित करवाने समेत शिक्षा में बेहतरीन कार्यों के लिए जेबीटी शिक्षक शशिपाल को राष्ट्रीय शिक्षक अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कोरोना काल के समय से निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग देना शुरू की। पांच साल में 220 से ज्यादा बच्चों को निशुल्क कोचिंग देकर सफलता की उड़ान दी है। इसके अलावा 10 से ज्यादा स्कूल छोड़ चुके बच्चों को भी पढ़ाकर वापस दाखिला दिलवाया। इसके अलावा प्रतिष्ठित लॉरेंस और पाइनग्रोव स्कूल की निशुल्क दाखिला परीक्षा में भी इनके पढ़ाए छह बच्चे अव्वल रहे हैं। इसके अलावा 24 छात्र एसजेएमएमएसई छात्रवृत्ति के लिए भी चयनित हो चुके हैं।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शमरोड की अध्यापिका दीपिका जंदैक ने गैर शैक्षिक गतिविधियों, ईको क्लब, चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस, कम लागत वाली शिक्षण अधिग्रम सामग्री, स्कूल अडॉप्शन, रचनात्मक गृह कार्य, विद्यार्थी छात्रवृत्ति परीक्षा में विशेष योगदान दिया। वर्तमान में बच्चों को छात्रवृत्ति भी मिल रही है। शिक्षा के क्षेत्र में पिछले 21 वर्षों से अपनी उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रही हैं। शिक्षिका ने सेंट लुक्स स्कूल सोलन से स्कूलिंग, सोलन कॉलेज से बीएससी, जम्मू से बीएड, तमिलनाडु से एमएससी और एमफिल की डिग्री प्राप्त की। विशेष उपलब्धि का श्रेय दीपिका ने प्रधानाचार्य पूनम काल्टा, कुमार चैरिटेबल ट्रस्ट सोलन, स्कूल स्टाफ को दिया है। 

सोलन जिले में एक अध्यापक को राष्ट्रीय और दो को राज्य शिक्षक अवाॅर्ड मिलेगा। शिक्षकों की ओर से किए गए बेहतर कार्यों और बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम योगदान देने पर चयन किया है। इनमें से राजकीय मॉडल प्राथमिक स्कूल शमरोड के शशि पाल को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलेगा। वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शमरोड की टीजीटी अध्यापिका दीपिका जंदैक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डुमैहर के डीपीई राजकुमार को राज्य शिक्षक अवॉर्ड के लिए चयनित किया है। इस बार जिले से राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए 17 अध्यापकों ने आवेदन किया था। ऑफलाइन माध्यम से कागजात भरकर शिक्षकों ने जमा करवाए थे। आवेदन के बाद से अध्यापक तैयारियों में जुट गए थे। इसी के साथ विभिन्न चरणों से अध्यापकों की दक्षता की जांच की गई। राज्य शिक्षक अवाॅर्ड लेने के लिए शिक्षा विभाग ने नए नियम तैयार किए हैं। यह नियम वर्ष 2025 में बने हैं। इसमें आवेदन करने वाले अध्यापक को कई स्तर से गुजरे। अध्यापकों की दक्षता की जांच के बाद अवाॅर्ड के लिए बुला लिया गया है। उधर, उपनिदेशक उच्च शिक्षा गोपाल चौहान ने कहा कि जिला में एक को राष्ट्रीय और दो शिक्षकों का राज्य शिक्षक अवाॅर्ड के लिए चयन हुआ है। ये उनकी मेहनत और बेहतरीन कार्य का नतीजा है। तीन शिक्षकों को बधाई के पात्र है।

चार साल तक लगातार शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले गुरदास राम राजकीय माध्यमिक पाठशाला नौलखा में कार्यरत हैं। गुरदास राम को यह पुरस्कार राजकीय उच्च पाठशाला जाच्छ में कार्यरत रहते हुए सराहनीय सेवाओं के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने लगातार तीन साल तक पाठशाला में बच्चों का पंजीकरण बढ़ाया। पाठशाला में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू करवाई। उनके कार्यकाल में परीक्षा परिणाम लगातार चार वर्षों से शत प्रतिशत आया। साल 2023-24 में 10वीं कक्षा में 13 में से आठ विद्यार्थियों ने बोर्ड मेरिट (79 प्रतिशत) में स्थान प्राप्त किया। अतिरिक्त समय में विद्यार्थियों को कोचिंग दी। इस कारण दो विद्यार्थियों का नवोदय विद्यालय के लिए चयन हुआ। एक बच्चे का चयन एनएमएमएस स्कालरशिप के लिए हुआ। अपने दोनों बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाया जिससे लोगों का विश्वास सरकारी स्कूलों में बना। इसके अलावा पाठशाला में किचन गार्डन बनाना, युवा संसद का गठन, पाठशाला की वायरिंग का कार्य और रिटेनिंग वाल का कार्य प्रमुख है। 

राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला डाहड़ के जेबीटी शिक्षक अजय कुमार पहली नियुक्ति 17 अप्रैल 2009 को राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला मंडयाली में बतौर जेबीटी शिक्षक के तौर पर हुई। यह हिमाचल प्रदेश की पहली पाठशाला है जो अपने स्कूली बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए बस सुविधा उपलब्ध करवा रही है। इस बस सुविधा का 40 प्रतिशत किराया अभिभावकों और 60 प्रतिशत किराया पाठशाला के शिक्षकों की ओर से वहन किया जा रहा है। इस पहल का सारा श्रेय अजय कुमार को जाता है। पाठशाला से 14 बच्चों का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा में और 3 बच्चों का चयन सैनिक स्कूल में हुआ है। बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा, प्री-प्राइमरी सुविधा और इंग्लिश मीडियम की शिक्षा भी प्रदान की जा रही है। डाहड़ क्षेत्र से कोई बच्चा निजी स्कूलों में नहीं पढ़ता है, जो इस पाठशाला की सफलता को और भी उजागर करता है।