
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमकेयर योजना के तहत इलाज का भुगतान लंबित रहने पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
मामले की सुनवाई के दौरान विशेष सचिव (स्वास्थ्य) डॉ. अश्वनी शर्मा को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ा। उन्होंने कोर्ट को आश्वासन दिया कि याचिकाकर्ता की वैध क्लेम राशि का भुगतान दो दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। इस पर अदालत ने सरकार के लिखित आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए अगली सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।
मामला सुरेंद्र कुमार से जुड़ा है, जिनका पीजीआई चंडीगढ़ में हृदय का इलाज हुआ था। हिमकेयर कार्ड धारक होने के बावजूद अस्पताल को सरकार से भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्हें 2.70 लाख रुपये अपनी जेब से खर्च करने पड़े। बाद में विभाग ने भी इस क्लेम को वैध माना, लेकिन राशि जारी नहीं की गई।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि बजट की कमी का हवाला देकर लाभार्थी का भुगतान नहीं रोका जा सकता।वहीं, प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों ने कॉमन कैडर नीति को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि नई नीति से उनकी वरिष्ठता और तबादलों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। खंडपीठ ने राज्य सरकार सहित संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।
