प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में खुलासा हुआ है कि जेनिया फार्मास्यूटिकल्स निशांत ही चला रहा था, कोमल खन्ना कंपनी की महज प्राॅक्सी ऑनर(फर्जी मालिक) थी। ईडी अब इस मामले में कोमल खन्ना से भी पूछताछ करेगी। जांच में पता चला है कि निशांत सरीन कोमल खन्ना के जरिये फार्मा कंपनियों से उगाही करता था। धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत जांच के दौरान ईडी ने मामले से जुड़े व्यक्तियों को समन जारी किए हैं, जिनमें कोमल खन्ना सहित अन्य लोग शामिल हैं। उधर, पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) स्पेशल कोर्ट ने सरीन को 27 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। न्यायालय ने इसे सोलन जेल में रखने के निर्देश दिए हैं। आय से अधिक संपत्ति मामले में ईडी शिमला जोनल कार्यालय में पूछताछ के दौरान 10 अक्तूबर को सरीन को गिरफ्तार किया था। पीएमएलए कोर्ट ने सरीन को 4 दिन की ईडी हिरासत में भेजा था। मंगलवार को 4 दिन की हिरासत की अवधी पूरी होने के बाद इसे दोबारा कोर्ट में पेश किया गया।

निशांत पर असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर (एडीसी) बद्दी रहते हुए ड्रग लाइसेंस जारी करने में कथित भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग और रिश्वतखोरी के आरोप हैं। उनके खिलाफ विजिलेंस में भी एफआईआर दर्ज है। इस एफआईआर के बाद सरीन के खिलाफ ईडी ने भी जांच शुरू की है। ईडी को सरीन के पास काले धन का शक था, इसलिए ईडी ने गत जून माह में सरीन और उनके रिश्तेदारों के घरों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए, जिनमें ड्रग लाइसेंस, कारण बताओ नोटिस, विभिन्न फार्मा कंपनियों को दी गई मंजूरियां, संपत्ति से जुड़े कागजात, मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव शामिल थे। इसके अलावा दो लग्जरी वाहन, 40 से अधिक बैंक खाते, एफडीआर, 3 लाॅकर भी जब्त किए गए थे।