शिमला: हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिवर्सिटी स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इस विश्वविद्यालय में AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े विशेष कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिससे युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सके।

यह फैसला बुधवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में AI शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार AI यूनिवर्सिटी की स्थापना की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएगी। इसके लिए अन्य राज्यों के सफल मॉडल का भी अध्ययन किया जाएगा।

बैठक में स्कूलों की निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत जम्मू-कश्मीर मॉडल अपनाने पर सहमति बनी, जिसमें व्हाट्सएप और गूगल मीट के माध्यम से स्कूलों का ऑनलाइन निरीक्षण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।

सरकार का मानना है कि AI यूनिवर्सिटी शुरू होने से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। साथ ही उन्हें रोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर भी मिलेंगे। यह पहल हिमाचल को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।