हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों के चलते लागू आदर्श आचार संहिता का असर अब सरकारी भर्तियों पर भी दिखाई देने लगा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश सरकार को 700 पुलिस जवानों और 800 होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति नहीं दी है। आयोग से मंजूरी नहीं मिलने के कारण फिलहाल यह भर्ती टाल दी गई है।

प्रदेश में शहरी निकायों तथा पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनावों के चलते 31 मई तक आदर्श आचार संहिता लागू है। आयोग का मानना है कि चुनाव अवधि के दौरान सरकार ऐसा कोई बड़ा निर्णय या घोषणा नहीं कर सकती, जिससे मतदाताओं या चुनाव प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ने की आशंका हो। 

इसी आधार पर पुलिस और होमगार्ड भर्ती को भी आचार संहिता के दायरे में रखा गया है। सूत्रों के अनुसार अब यह भर्ती प्रक्रिया अगले महीने शुरू किए जाने की संभावना है। भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं को फिलहाल कुछ और समय प्रतीक्षा करनी होगी। उधर, पंचायतीराज संस्थाओं के लिए हुए नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब उम्मीदवार पर्चे वापस ले सकेंगे। कुछ स्थानों पर निर्विरोध चुनाव कराने को लेकर भी प्रयास तेज हो गए हैं। इसके लिए प्रत्याशियों को मनाने की कोशिशें जारी हैं।

पंचायतीराज चुनाव में करीब 14 वर्ष पुराने सरकारी भूमि अतिक्रमण का मामला बहू के नामांकन पर भारी पड़ गया। मझोग सुल्तानी पंचायत में प्रधान पद के लिए मैदान में उतरी चंद्रेश कुमारी का नामांकन रद्द कर दिया गया। वहीं, शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके ससुर द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। उधर, चंद्रेश कुमारी के पति चंद्रशेखर ने इसे साजिश करार दिया है। 

पंचायत चुनाव : 742 नामांकन रद्द प्रदेश में 85,462 उम्मीदवार मैदान में
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी हो गई है। हिमाचल में चुनाव के लिए 86204 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे, जिनमें से जांच के दौरान 742 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। अब 85,462 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। 14 और 15 मई को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि रहेगी। 15 मई को ही प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। सबसे अधिक नामांकन कांगड़ा जिले में दाखिल हुए, जहां 19,682 नामांकन पत्र जमा हुए थे। इनमें से 254 नामांकन पत्र रद्द किए गए और अब 19,428 प्रत्याशी मैदान में हैं।

मंडी जिले में 14,619 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे, जिनमें से 54 खारिज हुए और 14565 उम्मीदवार शेष हैं। शिमला जिले में 8662 नामांकन पत्रों में से 49 खारिज किए गए, जिसके बाद 8613 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। बिलासपुर में 4,210 में से 15, चंबा में 8479 में से 36, हमीरपुर में 5375 में से 32, किन्नौर में 1428 में से 23, लाहौल-स्पीति में 493 में से 3, कुल्लू में 5817 में से 26, सिरमौर में 5970 में से 46, सोलन में 5629 में से 38 तथा ऊना में 5840 में से 166 नामांकन पत्र खारिज किए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।