Oplus_131072

सोशल मीडिया के दौर में कोई भी खबर, फोटो या वीडियो कुछ ही सेकंड में हजारों लोगों तक पहुंच जाता है। लेकिन यही तेजी कई बार फर्जी खबर और अफवाहों को फैलाने का कारण भी बन जाती है। अब हिमाचल पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को इसी को लेकर सतर्क किया है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर या संदेश को बिना सत्यापन आगे फॉरवर्ड न करें। खासतौर पर सरकारी आदेश, मौसम चेतावनी, पुलिस कार्रवाई, आपदा, भर्ती और अन्य संवेदनशील मामलों से जुड़ी जानकारी को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि जरूरी है।

पुलिस के अनुसार किसी सूचना को सिर्फ इसलिए सच नहीं मान लेना चाहिए क्योंकि उसे किसी परिचित ने भेजा है या वह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। महत्वपूर्ण जानकारी को एक से अधिक विश्वसनीय स्रोतों से जांचना जरूरी है।⚠️ फर्जी खबर ही नहीं, फोटो-वीडियो से भी सावधानपुलिस ने लोगों को सिर्फ लिखे हुए मैसेज से ही नहीं, बल्कि पुरानी तस्वीरों, एडिटेड वीडियो और फर्जी स्क्रीनशॉट से भी सावधान रहने को कहा है।

कई बार पुरानी तस्वीर को किसी नई घटना से जोड़कर वायरल कर दिया जाता है। इसी तरह एडिटेड वीडियो या किसी पुराने बयान को नए संदर्भ में पेश कर लोगों को गुमराह किया जा सकता है।इसलिए किसी भी फोटो, वीडियो या स्क्रीनशॉट को आगे भेजने से पहले उसका स्रोत और संदर्भ जरूर जांचें।🚨 कब हो सकती है कार्रवाई?

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर झूठी सूचना को स्वतः अपराध नहीं माना जाता। हालांकि, यदि किसी सूचना का प्रसार कानून में निर्धारित परिस्थितियों के अंतर्गत आता है और उससे सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा या लोगों में भय और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा होती है, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है।

👮 डीजीपी ने की जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की अपीलडीजीपी अशोक तिवारी ने लोगों से जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी संदेश को सिर्फ इसलिए आगे नहीं बढ़ाना चाहिए क्योंकि वह किसी परिचित ने भेजा है या बहुत से लोग उसे शेयर कर रहे हैं।पुलिस की सलाह साफ है—पहले जांचें, फिर भरोसा करें और उसके बाद ही शेयर करें।

ऐसे में अगली बार WhatsApp या सोशल मीडिया पर कोई सनसनीखेज खबर आए तो तुरंत फॉरवर्ड करने के बजाय एक बार उसकी सच्चाई जरूर जांच लें, क्योंकि एक छोटा सा फॉरवर्ड भी कुछ परिस्थितियों में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।