कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शिमला-मटौर नेशनल हाईवे के तहत कछियारी-भंगवार फोरलेन (कांगड़ा बाईपास) को आखिरकार वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। नए पुल और ट्विन टनल के शुरू होने से अब कांगड़ा शहर में लगने वाले जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

इस फोरलेन पर 95 मीटर लंबे रियूंद पुल और करीब 600 मीटर लंबी ट्विन टनल के माध्यम से यातायात बहाल कर दिया गया है। करीब 1300 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से कछियारी से रानीताल तक का सफर अब लगभग 14 मिनट में पूरा हो सकेगा, जबकि पहले इसी दूरी को तय करने में 35 से 40 मिनट तक लग जाते थे।

इन इलाकों के लोगों को भी मिलेगा फायदा

बाईपास शुरू होने से ज्वालामुखी से धर्मशाला, पालमपुर और टांडा जाने वाले वाहन चालकों को अब कांगड़ा शहर के भीड़भाड़ वाले बाजार से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे शहर के अंदर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा तरसूह और पलवाना जैसे दुर्गम गांवों तक भी सड़क सुविधा बेहतर हुई है।

घट्टा के पास बनाई गई ट्विन टनल से बड़े वाहनों की आवाजाही भी आसान होगी। पहले पुरानी संकरी सुरंग के कारण मालवाहक ट्रकों को निकलने में परेशानी होती थी। नई टनल से इस समस्या से राहत मिलेगी। वहीं, टनल से बाहर निकलते ही पर्यटकों को धौलाधार पर्वतमाला का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिलेगा।

15 साल तक होगी सड़क की देखरेख

प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनी की 10 से 15 सदस्यीय टीम अगले 15 वर्षों तक इस सड़क की देखरेख और मेंटेनेंस का जिम्मा संभालेगी। इसके साथ ही एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। फोरलेन शुरू होने से लोगों को समेला सुरंग के असुरक्षित सफर से भी राहत मिलने की उम्मीद है। करीब साढ़े चार किलोमीटर का सफर कम होने से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

पुल निर्माण में देरी से अटका था प्रोजेक्ट

कछियारी-भंगवार फोरलेन को शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा रियूंद पुल का निर्माण रहा। पलवाना क्षेत्र में रियूंद खड्ड पर बनने वाले इस पुल का डिजाइन फाइनल होने में काफी समय लगा। इसके बाद पुल के दो मुख्य पिलरों का निर्माण किया गया, जिनकी ऊंचाई करीब 68 मीटर थी। बरसात के मौसम में काम रुकने के कारण भी निर्माण में देरी हुई।

अब पुल और ट्विन टनल पर यातायात शुरू होने के बाद कांगड़ा के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह बाईपास स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और व्यापारियों के लिए भी काफी सुविधाजनक साबित हो सकता है।