हिमाचल प्रदेश काडर के कई भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों ने वर्ष 2025 के लिए अपनी अचल संपत्तियों का विवरण सरकार को सौंप दिया है। एक जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार दाखिल इन विवरणों में प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों में स्थित जमीन, मकान, फ्लैट और कृषि भूमि का भी ब्योरा दिया गया है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के पास करोड़ों रुपये की संपत्तियां दर्ज हैं। संपत्ति विवरण के अनुसार अधिकांश संपत्तियां अधिकारियों ने अपनी व्यक्तिगत बचत, बैंक ऋण, हाउस बिल्डिंग एडवांस या पारिवारिक स्रोतों से खरीदी हैं। केंद्र सरकार के नियमों के तहत सभी अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों को हर वर्ष अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य होता है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। यह प्रक्रिया अधिकारियों की आय-व्यय पर निगरानी रखने और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए की जाती है।

मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने हिमाचल के परवाणू सहित पंचकूला (हरियाणा) और पंजाब के कई स्थानों पर स्थित संपत्तियों का विवरण दिया है। पंचकूला के सेक्टर-5 एमडीसी में एक फ्लैट, स्वास्तिक विहार में व्यावसायिक संपत्ति और सेक्टर-4 में लगभग 4 करोड़ रुपये का आंशिक रूप से निर्मित मकान दर्ज है। इसके अलावा न्यू चंडीगढ़ में एक फ्लैट और मोहाली जिले के गांवों में कृषि भूमि में भी उनकी और उनकी पत्नी की हिस्सेदारी बताई गई है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में स्थित अपनी संपत्तियों का विवरण दिया है। इनमें देहरादून में लगभग 500 वर्ग मीटर का प्लॉट, नोएडा में 52 लाख रुपये की कीमत का फ्लैट, नैनीताल जिले में पैतृक जमीन में हिस्सेदारी शामिल है। नोएडा स्थित फ्लैट से उन्हें सालाना किराये की आय भी प्राप्त हो रही है।

आरडी नजीम की चेन्नई में 4.5 करोड़ की संपत्ति
आईएएस अधिकारी आरडी नजीम ने चेन्नई में स्थित दो प्रमुख संपत्तियों की जानकारी दी है, जिनकी वर्तमान कीमत करीब 4.5 करोड़ बताई गई है। इनमें चेंगल नगर क्षेत्र में बना मकान और मायलापुर में एक फ्लैट शामिल है। इन संपत्तियों से उन्हें सालाना करीब 13.8 लाख किराये आ रहा है।

देवेश कुमार ने सरघीण में खरीदी 3.25 करोड़ की संपत्ति
प्रदेश सचिवालय में तैनात प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार ने शिमला के सरघीण क्षेत्र में वर्ष 2021 और 2024 के दौरान खरीदी गई जमीन और मकान का उल्लेख किया है। इनकी कुल लागत करीब 3.25 करोड़ रुपये बताई गई है। यह संपत्ति उनकी पत्नी के साथ संयुक्त रूप से खरीदी गई है और इसके लिए व्यक्तिगत बचत-बैंक ऋण का उपयोग किया गया। पंजाब के जीरकपुर में लगभग 1.60 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाई का भी जिक्र किया गया है।

अभिषेक जैन ने दो संपत्तियों का किया खुलासा
सचिव (वित्त एवं योजना) अभिषेक जैन ने पंजाब के जालंधर जिले के गोराया में स्थित पैतृक मकान का उल्लेख किया है, जिसकी वर्तमान कीमत लगभग 80 लाख रुपये बताई गई है। एसएएस नगर के मुल्लांपुर क्षेत्र में करीब 67.68 लाख रुपये में खरीदे गए प्लॉट का भी विवरण दिया गया है, जो उनके और उनकी पत्नी के संयुक्त नाम पर है।

सुधा देवी का चेन्नई में महंगा फ्लैट
– 2003 बैच की आईएएस अधिकारी एम सुधा देवी ने चेन्नई के मायलापुर स्थित एमआरसी नगर में सीब्रोस वन टावर में खरीदे गए फ्लैट का विवरण दिया है। वर्ष 2020 में खरीदे गए इस फ्लैट की कीमत लगभग 5.65 करोड़ रुपये बताई गई है। इसमें उनकी 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि 70 प्रतिशत हिस्सेदारी उनकी बहन के नाम दर्ज है।

हरिकेश मीणा को अमरूद के बाग से आय
– आईएएस अधिकारी हरिकेश मीणा ने राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में लगभग 5 हेक्टेयर कृषि भूमि और अमरूद के बाग का जिक्र किया है। यह जमीन वर्ष 2016 और 2020 में खरीदी गई थी और इससे उन्हें प्रतिवर्ष करीब 5 लाख रुपये की आय हो रही है।